धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को सौंपा इस्तीफा, छात्रों के विरोध का असर
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। यह कदम छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शनों के बीच उठाया गया, जहां विपक्ष ने उनके इस्तीफे के लिए सरकार पर दबाव डाला। प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बारे में जानकारी साझा की, जिसमें उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने उन्हें दुखी किया है।
उन्होंने आगे कहा कि जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उससे राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं। उन्होंने यह भी कहा कि देश के छात्रों का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में नहीं उलझना चाहिए और उन्हें अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान ने यह स्पष्ट किया कि देश की युवाशक्ति इसकी असली ताकत है और वे इसे भ्रम के कुचक्र में नहीं फंसने देंगे। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है।
प्रधान ने यह भी बताया कि 3 मई को हुई नीट परीक्षा में जो अनियमितताएं पाई गई हैं, उनके प्रति उन्होंने कभी भी आंखें नहीं मूंदीं और शुरुआत से ही जिम्मेदारी ली है।