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ध्रुव राठी ने CJP से संबंध तोड़े, व्यक्तिगत रूप से उठाई चुनावी पारदर्शिता की आवाज

यूट्यूबर ध्रुव राठी ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) से अपने संबंध तोड़ने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन में शामिल होना केवल व्यक्तिगत है और चुनावी पारदर्शिता के समर्थन में है। राठी ने बेंगलुरु में CJP के धरने में भाग लिया और चुनाव आयोग के विशेष कार्यक्रम पर सवाल उठाए। इसके बाद, वह दिल्ली में भी प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहे थे, लेकिन अब उन्होंने अपने रुख को स्पष्ट किया है।
 

ध्रुव राठी का CJP से अलगाव

नई दिल्ली: देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन से प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी ने खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है। जर्मनी में रहकर केंद्र सरकार की नीतियों पर मुखर वीडियो बनाने वाले राठी ने स्पष्ट किया है कि उनका CJP से कोई आधिकारिक या संगठनात्मक संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि वह इस आंदोलन में केवल व्यक्तिगत रूप से और चुनावी पारदर्शिता के समर्थन में शामिल हुए थे।


सीजेपी के करीबी माने जाते हैं राठी
यूट्यूब पर करोड़ों सब्सक्राइबर्स के साथ ध्रुव राठी को CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और सौरव दास का करीबी माना जाता रहा है। इससे पहले, जब नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के दौरान CJP ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था, तब भी राठी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से अभिजीत दीपके के साथ सक्रिय संवाद में थे। इसी क्रम में, उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने का निर्णय लिया।


बेंगलुरु में भाषण और सवाल उठाए
विवाद की शुरुआत 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित CJP के धरने से हुई, जहां ध्रुव राठी विशेष रूप से उपस्थित थे। वहां उन्होंने चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम पर गंभीर सवाल उठाए और मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाने को 'वोट चोरी' करार दिया।


बेंगलुरु के बाद, राठी 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले बड़े प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहे थे। इसके लिए वह राजधानी पहुंचे और शुक्रवार शाम इंडिया गेट से एक वीडियो संदेश साझा कर आम नागरिकों से लोकतंत्र और वोट के अधिकार की रक्षा के लिए प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया। हालांकि, अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका यह रुख पूरी तरह व्यक्तिगत था और उनका CJP से कोई संगठनात्मक संबंध नहीं है।