नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर: मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक
नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर
नरेंद्र मोदी का राजनीतिक करियर गुजरात के संगठनकर्ता से शुरू होकर मुख्यमंत्री और फिर भारत के प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचा। 2014 के बाद, भारत की विदेश नीति में अमेरिका, फ्रांस, जापान, UAE, ऑस्ट्रेलिया, इजरायल, रूस और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ सहयोग में वृद्धि हुई।
राजनीतिक यात्रा की शुरुआत
नरेंद्र दामोदरदास मोदी भारतीय राजनीति के उन नेताओं में से हैं, जिनका सफर संगठन के जमीनी स्तर से शुरू होकर राज्य और फिर केंद्र की सत्ता तक पहुंचा। प्रधानमंत्री बनने से पहले, उन्होंने लगभग 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
मोदी ने 1970 के दशक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ अपने करियर की शुरुआत की। 1980 के दशक में, वे संगठन के स्तर पर सक्रिय रहे और 1987 में गुजरात में भारतीय जनता पार्टी के महासचिव बने। इसके बाद, उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल
7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उस समय गुजरात कई चुनौतियों का सामना कर रहा था, जैसे 2001 का भूकंप और सूखा। मोदी ने लगातार चुनाव जीतते हुए लगभग 13 वर्षों तक राज्य की सरकार का नेतृत्व किया।
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में औद्योगिक निवेश, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और कृषि पर जोर दिया गया। इसी दौरान Vibrant Gujarat Global Summit की शुरुआत हुई, जिसने राज्य में निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश
2013 में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। भाजपा ने चुनाव में बहुमत हासिल किया और मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला और मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद संभाला। इसके बाद, 2024 के चुनावों के बाद, उन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
विदेश नीति में बदलाव
2014 के बाद भारत की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया, जिसमें अमेरिका और यूरोप के साथ संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ जापान, ऑस्ट्रेलिया, खाड़ी देशों, इजरायल और रूस के साथ सहयोग बढ़ा।
1. अमेरिका: रक्षा और रणनीतिक सहयोग में वृद्धि
भारत-अमेरिका संबंध नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए। दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, ऊर्जा, व्यापार और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ा।
2. UAE: खाड़ी क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदार
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत-UAE संबंधों में तेजी आई। 2015 में मोदी की UAE यात्रा के दौरान दोनों देशों ने संबंधों को नई दिशा दी।
3. फ्रांस: रक्षा और अंतरिक्ष में सहयोग
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग में वृद्धि हुई। 2016 में भारत ने फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का समझौता किया।
4. जापान: एशिया में साझेदारी का विस्तार
जापान के साथ संबंधों में भी महत्वपूर्ण बदलाव आया। 2014 में मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को नई ऊंचाई पर पहुंचाया।
5. ऑस्ट्रेलिया: व्यापक सहयोग
भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध भी पिछले एक दशक में तेजी से विकसित हुए हैं।
6. इजरायल: रणनीतिक साझेदारी
भारत और इजरायल के संबंधों में भी मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद नई गति आई।
7. रूस: पुराने रिश्ते को नया रूप
रूस के साथ भारत का पारंपरिक संबंध रहा है, लेकिन मोदी सरकार के दौरान इसे नए क्षेत्रों में बढ़ाने का प्रयास किया गया।
8. ब्रिटेन: व्यापार और तकनीक में नया चरण
भारत-ब्रिटेन संबंधों में भी हाल के वर्षों में आर्थिक और तकनीकी सहयोग बढ़ा है।
मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का सफर
नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर संगठन के स्तर से शुरू होकर गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचा। 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने लगभग 13 वर्षों तक राज्य सरकार का नेतृत्व किया और 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने।
प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में भारत के कई प्रमुख देशों के साथ संबंधों में संस्थागत और रणनीतिक विस्तार हुआ है।