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नासिक में आवारा कुत्तों के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन

महाराष्ट्र के नासिक में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या के खिलाफ नागरिकों ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। युवा सेना के ज़िला प्रमुख ने निफाड नगर पंचायत के चीफ़ ऑफ़िसर के ऑफिस में कुत्ते छोड़कर और नोटों की माला पहनाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इस घटना ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी है। जानें इस अनोखे विरोध के पीछे की पूरी कहानी और प्रशासन की प्रतिक्रिया।
 

नासिक में आवारा कुत्तों का मुद्दा


नासिक में आवारा कुत्तों का मामला: महाराष्ट्र के नासिक में स्थानीय निवासियों ने आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर निफाड नगर पंचायत के चीफ़ ऑफ़िसर धीरज भामरे के समक्ष एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। युवा सेना के ज़िला प्रमुख विक्रम रांढवे ने चीफ़ ऑफ़िसर की डेस्क पर कई आवारा कुत्ते छोड़ दिए और उन्हें नोटों की माला पहनाई। यह घटना अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।


दरअसल, बच्चों, बुज़ुर्गों और वाहन चालकों पर आवारा कुत्तों के हमलों में वृद्धि और बार-बार की गई शिकायतों के बावजूद नसबंदी अभियान (ABC प्रोग्राम) या कुत्तों को पकड़ने के उपायों की अनुपस्थिति से नाराज स्थानीय लोगों ने यह कदम उठाया। उन्होंने सीधे चीफ़ ऑफ़िसर के ऑफिस में कुत्ते छोड़कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।


नासिक में आवारा कुत्तों परेशान लोगों ने निफाड नगर पंचायत में चीफ़ ऑफ़िसर धीरज भामरे के सामने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। युवा सेना के ज़िला प्रमुख विक्रम रांढवे ने निफाड नगर पंचायत में चीफ़ ऑफ़िसर धीरज भामरे की डेस्क पर कई आवारा कुत्ते छोड़ दिए और डेस्क पर नोटों की माला पहना दी। pic.twitter.com/jNXHuvjaKv

— News Media (@PardaphashToday) September 17, 2026



विक्रम रांढवे ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन इस विरोध के बाद त्वरित कार्रवाई नहीं करता है, तो नागरिकों की उपस्थिति में फिर से चीफ़ ऑफ़िसर के ऑफिस में आवारा कुत्ते छोड़े जाएंगे। इस घटना के दौरान काउंसिल हॉल में पार्षद रूपाली रंधावे, सुनील पाठक, बिरजू पठान, रतन गजरे, सचिन खाडताले और अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद थे।