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नितिन गडकरी का विवादास्पद बयान: अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया से मिले वोट

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया से मिले वोटों पर विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें इन क्षेत्रों से 90 प्रतिशत से अधिक वोट मिलते हैं, जबकि शिक्षित क्षेत्रों में यह आंकड़ा 70 से 75 प्रतिशत है। गडकरी ने पढ़े-लिखे वोटरों की मतदान आदतों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जागरूकता की कमी लोकतंत्र की सबसे बड़ी समस्या है। जानें उनके विचार और राजनीतिक प्रेरणाएँ।
 

गडकरी का बेबाक बयान

नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय राजनीति और चुनावी समीकरणों पर एक बार फिर से चौंकाने वाला बयान दिया है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि उन्हें 90 प्रतिशत से अधिक वोट उन क्षेत्रों से मिलते हैं, जिन्हें 'अंडरवर्ल्ड' और 'रेड लाइट एरिया' के रूप में जाना जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी भी असामाजिक तत्व से कोई संबंध नहीं है, बल्कि यह समर्थन उन्होंने विकास कार्यों और सामाजिक सेवाओं के माध्यम से प्राप्त किया है।


पढ़े-लिखे वोटरों पर कटाक्ष

गडकरी ने पढ़े-लिखे तबके के मतदान व्यवहार पर चुटकी लेते हुए कहा कि वे विद्वानों के भरोसे सांसद नहीं बने हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि पढ़े-लिखे लोग मतदान के दिन टालमटोल करते हैं और अंततः वोट डालने नहीं जाते। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग वोट देने नहीं जाते, उन्हें नेताओं से यह पूछने का कोई अधिकार नहीं है कि देश का क्या होगा। गडकरी ने लोकतंत्र की सबसे बड़ी समस्या को जनता में जागरूकता की कमी बताया।


विकास कार्यों का असर

गडकरी ने नागपुर के चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि शिक्षित क्षेत्रों में उन्हें केवल 70 से 75 प्रतिशत वोट मिलते हैं, जबकि अंडरवर्ल्ड और रेड लाइट एरिया जैसे क्षेत्रों में उन्हें 92 से 99 प्रतिशत वोट मिले हैं। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि उनका इन क्षेत्रों से कोई व्यक्तिगत संबंध है। उन्होंने वहां बेहतर सड़कें और सामाजिक कार्य किए हैं, जिसके कारण जनता का उन पर विश्वास बढ़ा है।


राजनीतिक प्रेरणाएँ

गडकरी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और जॉर्ज फर्नांडिस को अपने प्रिय नेताओं में से एक बताया। उन्होंने जॉर्ज फर्नांडिस से जुड़ा एक किस्सा साझा किया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि उनकी पार्टी में इतने बड़े नेता होने के बावजूद आपस में क्यों नहीं बनती। जॉर्ज फर्नांडिस ने मुस्कुराते हुए कहा कि यही लोकतंत्र की असली खूबसूरती है। गडकरी ने कहा कि इस बातचीत ने उन्हें राजनीति की जटिलताओं को समझने में मदद की।