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नितिन नबीन बने भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीएम मोदी ने किया स्वागत

भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने निर्विरोध पदभार ग्रहण किया। पीएम मोदी ने इस अवसर पर उन्हें बधाई दी और कहा कि नबीन अब उनके काम का मूल्यांकन करेंगे। नबीन ने राजनीति को साधना और त्याग का माध्यम बताया। पीएम मोदी ने कांग्रेस की गिरती स्थिति पर भी टिप्पणी की और घुसपैठियों के खतरे को उजागर किया। भाजपा को एक परिवार और संस्कार बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां पद से ज्यादा रिश्ते महत्वपूर्ण हैं।
 

भाजपा के नए अध्यक्ष का पदभार ग्रहण


नई दिल्ली: नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया है। यह पद ग्रहण करने वाले वे 12वें व्यक्ति हैं। भाजपा मुख्यालय में उनके नाम की घोषणा की गई, जिसके बाद पीएम मोदी ने उन्हें पार्टी अध्यक्ष के कार्यालय में ले जाकर पदभार सौंपा। इस अवसर पर मिठाई बांटी गई और पीएम मोदी ने नबीन का स्वागत करते हुए उन्हें माला पहनाई।


पीएम मोदी का संदेश

पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है, जहां कार्यकर्ता की भावना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "मैं एक कार्यकर्ता हूं, लेकिन नितिनजी अब मेरे बॉस हैं और वे मेरे काम का मूल्यांकन करेंगे।" नितिन नबीन को पहले ही 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।


राजनीति का अर्थ

राजनीति सत्ता नहीं, साधना


नितिन नबीन ने अपने पहले भाषण में कहा कि वे एक ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां राजनीति केवल सत्ता का खेल नहीं है, बल्कि यह एक साधना है। उन्होंने कहा कि राजनीति भोग नहीं, त्याग है।


कांग्रेस की स्थिति

कांग्रेस अपने पतन की ओर


पीएम मोदी ने कांग्रेस की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 1984 में कांग्रेस को 400 से अधिक सीटें मिली थीं, लेकिन आज वह 100 सीटों के लिए तरस रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने पतन के कारणों की समीक्षा करने की हिम्मत खो चुकी है।


घुसपैठियों का खतरा

घुसपैठिए देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा


मोदी ने कहा कि घुसपैठियों की समस्या देश के लिए एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि भारत को अपने गरीबों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए और घुसपैठियों को पहचानकर उन्हें उनके देश वापस भेजना आवश्यक है।


भाजपा का संस्कार

भाजपा एक संस्कार


पीएम मोदी ने भाजपा को एक परिवार और संस्कार बताते हुए कहा कि यहां सदस्यता से ज्यादा रिश्ते महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की परंपरा पद से नहीं, बल्कि प्रक्रिया से चलती है।