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नित्या रमन बनीं लॉस एंजिलिस की पहली दक्षिण एशियाई महापौर

नित्या रमन ने लॉस एंजिलिस की महापौर के रूप में चुनाव जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। वह अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर की पहली दक्षिण एशियाई मेयर बनी हैं। रमन ने अपने विजयी अभियान में समुदाय के समर्थन की सराहना की और शहर के विकास के लिए अपनी योजनाओं का उल्लेख किया। जानें उनके राजनीतिक सफर और भविष्य की योजनाओं के बारे में।
 

नित्या रमन का ऐतिहासिक चुनावी जीत

(योषिता सिंह) न्यूयॉर्क, छह नवंबर - भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट नित्या रमन ने लॉस एंजिलिस की महापौर के रूप में चुनाव जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। वह अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर की पहली दक्षिण एशियाई मेयर बनी हैं। रमन, जो 45 वर्ष की हैं, पहले लॉस एंजिलिस सिटी काउंसिल की सदस्य रह चुकी हैं, और उन्होंने तीन नवंबर को हुए चुनाव में मौजूदा मेयर करेन बैस को हराया।


भारतीय मूल के मेयरों की बढ़ती संख्या

इस जीत के साथ, न्यूयॉर्क और लॉस एंजिलिस जैसे प्रमुख शहरों की कमान अब भारतीय मूल के मेयरों के हाथ में है, जो डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट हैं। रमन ने एक वीडियो में कहा, 'लॉस एंजिलिस की अगली महापौर बनना मेरे लिए गर्व की बात है।' उन्होंने उन सभी का धन्यवाद किया जिन्होंने उनके लिए प्रचार किया और शहर की संभावनाओं पर विश्वास जताया।


रमन की योजनाएं और दृष्टिकोण

रमन ने अपनी पूर्ववर्ती बैस के सार्वजनिक सेवा के कार्यकाल की सराहना की और कहा कि वह सिटी हॉल जाकर लोगों का विश्वास जीतने के लिए काम करेंगी। उन्होंने कहा कि यह काम तुरंत शुरू होगा, ताकि वे ऐसे घर बना सकें जो लोग खरीद या किराए पर ले सकें, बच्चों के खेलने के लिए पार्क बना सकें, और एक सुरक्षित शहर का निर्माण कर सकें।


शिक्षा और राजनीतिक पृष्ठभूमि

केरल में जन्मी रमन लॉस एंजिलिस सिटी काउंसिल के डिस्ट्रिक्ट-4 का प्रतिनिधित्व करती थीं। उन्होंने शहरी नियोजन में अध्ययन किया है और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है।


मध्यावधि चुनावों में भारतीय-अमेरिकियों की सफलता

रमन उन कई भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों में शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में संपन्न मध्यावधि चुनावों में जीत हासिल की। डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस चुनाव में प्रतिनिधि सभा और सीनेट पर नियंत्रण प्राप्त किया। यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक बड़ी अस्वीकृति मानी जा रही है।


सामुदायिक समर्थन और राजनीतिक ताकत

इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट संगठन ने रमन की जीत पर बधाई दी और कहा कि यह कैलिफोर्निया में दक्षिण एशियाई अमेरिकियों की बढ़ती राजनीतिक ताकत को दर्शाता है। कैलिफोर्निया में 10 लाख से अधिक दक्षिण एशियाई मूल के लोग रहते हैं। संगठन के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने कहा कि रमन की जीत के साथ, दक्षिण एशियाई अमेरिकी अब अमेरिका के दो सबसे बड़े शहरों का नेतृत्व करेंगे।


भारतीय-अमेरिकी समुदाय की राजनीतिक सफलता

मध्यावधि चुनावों में भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने भी महत्वपूर्ण राजनीतिक सफलता हासिल की है, जिसमें कई उम्मीदवारों ने विभिन्न पदों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।