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नीट पेपर लीक पर राजनीतिक टकराव: कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ा तनाव

नीट पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब एक व्यापक राजनीतिक संघर्ष में बदल चुका है। विभिन्न राज्यों में कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। लखनऊ, पटना, जयपुर और वाराणसी में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई हैं। छात्रों का यह आंदोलन केवल पेपर लीक के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और निजीकरण के खिलाफ भी है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है और राजनीतिक तापमान कैसे बढ़ रहा है।
 

नीट पेपर लीक का विरोध

नई दिल्ली/लखनऊ/पटना/जयपुर। नीट परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब एक व्यापक राजनीतिक संघर्ष में बदल चुका है। दिल्ली में कांग्रेस के प्रधानमंत्री आवास मार्च के बाद, बुधवार को विभिन्न राज्यों में कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कई स्थानों पर पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।


लखनऊ में प्रदर्शन

लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और सरकार के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। संभावित टकराव को देखते हुए कांग्रेस कार्यालय के बाहर महिला कार्यकर्ताओं को भी तैनात किया गया, जिनके हाथों में लाठियां थीं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण विरोध में विश्वास रखती है, लेकिन कार्यकर्ता किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।


पटना में छात्रों का मार्च

पटना में पुलिस की कार्रवाई

बिहार की राजधानी पटना में, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों ने राजभवन की ओर मार्च निकाला। पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर पर रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े और अंततः लाठीचार्ज किया। छात्रों ने कुछ समय के लिए सड़क पर धरना दिया, लेकिन बाद में उन्होंने फिर से मार्च जारी रखा। छात्र संगठनों का कहना है कि उनका प्रदर्शन केवल पेपर लीक के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और निजीकरण के खिलाफ भी है।


जयपुर में भाजपा का प्रदर्शन

जयपुर में कांग्रेस कार्यालय का घेराव

राजस्थान की राजधानी जयपुर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय की ओर मार्च निकाला गया। चौमूं हाउस सर्किल पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जब कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पार करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें पीछे हटाने के लिए वाटर कैनन का उपयोग किया। पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा।


वाराणसी में हिरासत

कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी

दिल्ली में राहुल गांधी और अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में वाराणसी में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे। अंबेडकर प्रतिमा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया। विरोध बढ़ने पर कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। बहराइच में समाजवादी पार्टी के विधायक आनंद यादव समेत कई नेताओं को एहतियातन नजरबंद किया गया। वाराणसी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीएचयू और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।


सियासी तापमान में वृद्धि

नीट पेपर लीक का राजनीतिक प्रभाव

नीट पेपर लीक का मुद्दा अब केवल छात्रों के आंदोलन तक सीमित नहीं रह गया है। विपक्ष सरकार पर परीक्षा व्यवस्था में विफल रहने का आरोप लगा रहा है, जबकि भाजपा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों को राजनीतिक बताकर जवाबी प्रदर्शन कर रही है। इस प्रकार, कई राज्यों में राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता नजर आ रहा है।