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नीतीश कुमार ने विधान परिषद से दिया इस्तीफा, राजनीतिक हलचल तेज

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने चेतावनी दी है कि यदि नीतीश दिल्ली जाते हैं, तो इससे बिहार की जनता को नुकसान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पद जेडीयू के पास रहना चाहिए। जानें इस घटनाक्रम का बिहार की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा।
 

नीतीश कुमार का इस्तीफा

नीतीश कुमार का इस्तीफा : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को विधान परिषद में जाकर सभापति को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके बाद से नए मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। इस बीच, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनका कहना है कि यदि नीतीश कुमार दिल्ली जाते हैं, तो इससे बिहार की जनता को बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वह दिल्ली जा रहे हैं, तो मुख्यमंत्री पद जेडीयू के पास ही रहना चाहिए।

बजट सत्र के दौरान संसद परिसर में पप्पू यादव ने नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “बिहार की जनता नहीं चाहती कि नीतीश कुमार दिल्ली जाएं। इससे जेडीयू को सीधा नुकसान होगा और जनता पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।” उन्होंने यह भी कहा, “कौन लोग हैं जिन्होंने नीतीश कुमार के लिए ऐसे हालात पैदा किए हैं। नीतीश जी अपने मूल्यों और आदर्शों के लिए जाने जाते हैं। वह कर्पूरी ठाकुर, गांधी जी और जेपी के सिद्धांतों का पालन करते हैं, लेकिन उन्होंने यह निर्णय ले लिया है। इसका बिहार पर नकारात्मक असर होगा।”

पप्पू यादव ने आगे कहा, “बिहार की जनता चाहती है कि नीतीश कुमार यहीं रहें... बीजेपी के हाथों में कुछ भी न जाए। यदि नीतीश जी ने किसी कारणवश निर्णय लिया है, तो जेडीयू का कोई मुख्यमंत्री होना चाहिए, भाजपा का नहीं।” उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं, और नियमों के अनुसार, उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दिया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे या नहीं। नियमों के अनुसार, नीतीश अभी छह महीने तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं।