×

नेपाल के पर्वतारोही निर्मल पुर्जा लापता, पाकिस्तान में हिमस्खलन का सामना

नेपाल के अनुभवी पर्वतारोही निर्मल पुर्जा और अन्य पर्वतारोहियों की खोज पाकिस्तान में हिमस्खलन के बाद जारी है। बर्फीले तूफान के कारण लापता हुए पर्वतारोहियों में नेपाल, पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका और चीन के सदस्य शामिल हैं। बचाव दल ने चार शव बरामद किए हैं, लेकिन खराब मौसम के कारण राहत कार्य में बाधाएं आ रही हैं। नेपाल सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में है। जानें इस घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
 

पाकिस्तान में हिमस्खलन से लापता पर्वतारोही

(शिरीष बी प्रधान) इस्लामाबाद/काठमांडू, 31 जुलाई - नेपाल के प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा, जो दुनिया की ऊंची चोटियों में से एक 'ब्रॉड पीक' पर हिमस्खलन के कारण लापता हुए हैं, उनमें से एक हैं। बचाव दल ने शुक्रवार को खराब मौसम के बावजूद चार शवों को बरामद किया है और खोज अभियान जारी है। 'ब्रॉड पीक', जो पाकिस्तान की काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित है, 8,047 मीटर ऊंची है और इसे दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी माना जाता है।


बर्फीले तूफान का प्रभाव

अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (एसीपी) के अनुसार, बृहस्पतिवार को लगभग 7,000 मीटर की ऊंचाई पर बर्फीला तूफान आया, जिसके कारण 10 सदस्यीय पर्वतारोहियों की टीम लापता हो गई। यह टीम चोटी पर चढ़ने का प्रयास कर रही थी। एसीपी के अध्यक्ष मेजर जनरल इरफान अरशद ने बताया कि चार शवों की बरामदगी के दौरान दो की पहचान ओमान की नाधिरा अहमद अब्दुल्ला अल हारथी और नेपाल के पुर बहादुर गुरुंग के रूप में हुई है।


लापता पर्वतारोहियों की पहचान

बर्फीले तूफान के बाद, बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे ये पर्वतारोही लापता हो गए। अधिकारियों ने बताया कि लापता पर्वतारोहियों की खोज में चलाए गए अभियान में खराब मौसम ने बाधाएं उत्पन्न की हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने स्थिति पर नजर रखने की बात कही है। लापता पर्वतारोहियों में नेपाल के किली पेम्बा शेरपा, निमा शेरपा, नवांग थिंडू शेरपा और ग्यालु शेरपा शामिल हैं।


निर्मल पुर्जा का पर्वतारोहण करियर

निर्मल पुर्जा, जो पूर्व गोरखा सैनिक और ब्रिटिश स्पेशल फोर्सेज के सदस्य रह चुके हैं, हिमालय की ऊंची चोटियों को फतह करने में अग्रणी माने जाते हैं। 2019 में, उन्होंने 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' के तहत 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों पर चढ़ाई की थी। उनका जन्म 25 जुलाई 1983 को गंडकी प्रांत के म्यागदी जिले में हुआ था।


नेपाल सरकार की चिंता

नेपाल के पर्यटन, संस्कृति और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क प्रसाद पौडेल ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और कहा कि नेपाल सरकार पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'पाकिस्तान में हिमस्खलन और निर्मल पुर्जा तथा अन्य पर्वतारोहियों से संपर्क टूटने की खबरों से मैं चिंतित हूं।'


खोज एवं बचाव अभियान

पाकिस्तान का ग्रीष्मकालीन पर्वतारोहण सत्र जून से अगस्त तक चलता है, जिसमें अक्सर हिमस्खलन और मौसम में अचानक बदलाव जैसी घटनाएं होती हैं। 'अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान' ने कहा है कि वह खोज एवं बचाव अभियान शुरू करने के लिए सरकारी अधिकारियों के संपर्क में है और सभी संसाधनों को जुटाने की कोशिश कर रहा है।