नेपाल में ऐतिहासिक चुनाव: युवा लहर बनाम पारंपरिक राजनीति
नेपाल में चुनाव का ऐतिहासिक दिन
नेपाल, जो हिमालय की गोद में बसा है, आज एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। केपी शर्मा ओली की सरकार को गिराने वाले जेनरेशन जेड के विद्रोह के बाद, आज देश की जनता नई सरकार के लिए मतदान कर रही है। यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं है, बल्कि दशकों से स्थापित राजनीतिक दिग्गजों और बदलाव की चाह रखने वाली युवा पीढ़ी के बीच एक जनमत संग्रह बन गया है।
सड़क पर गुस्सा और ओली का पतन
पिछले साल 8 और 9 सितंबर को नेपाल ने एक ऐतिहासिक दृश्य देखा, जब भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के खिलाफ हजारों युवा सड़कों पर उतर आए। काठमांडू की गलियों में हुई हिंसक झड़पों में 75 से अधिक लोगों की जान चली गई। इस दबाव के आगे केपी शर्मा ओली को अपनी सरकार गिराने के लिए मजबूर होना पड़ा। आज का चुनाव उसी गुस्से का परिणाम है।
महामुकाबला: मतदान प्रक्रिया
मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक 10,967 मतदान केंद्रों पर जारी रहेगा। बैलेट बॉक्स की गिनती तुरंत शुरू होगी, और 24 घंटे के भीतर परिणाम आने की उम्मीद है। हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स की 275 सीटों में से 165 सीटों का चुनाव फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली से होगा, जबकि बाकी 110 सीटें प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन के माध्यम से भरी जाएंगी।
सुरक्षा के इंतजाम
कुल 3,406 उम्मीदवार 165 सीधे चुने गए चुनाव क्षेत्रों में चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि 3,135 उम्मीदवार 110 प्रोपोर्शनल सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इस चुनाव में 65 राजनीतिक दल भाग ले रहे हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 300,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
गृह मंत्री की अपील
गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल ने मतदाताओं से बिना किसी चिंता के मतदान करने की अपील की है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया का आश्वासन दिया है। सरकार ने मतदान में भाग लेने को आसान बनाने के लिए तीन दिन की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है।
राजनीतिक उथल-पुथल का इतिहास
यह राजनीतिक उथल-पुथल 8 और 9 सितंबर 2025 को शुरू हुई, जब हजारों युवा प्रदर्शनकारी काठमांडू और अन्य शहरों में उमड़ पड़े। उन्होंने राजनीतिक प्रणाली में गहरे भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के खिलाफ आवाज उठाई।
पुरानी ताकतें बनाम नई लहर
चुनाव अब पारंपरिक राजनीतिक ताकतों और नई पार्टियों के बीच एक संघर्ष बन गया है। 75 वर्षीय ओली, CPN-UML के प्रधानमंत्री पद के चेहरे बने हुए हैं, जबकि नेपाली कांग्रेस ने 49 वर्षीय गगन थापा को अपना उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर, राबी लामिछाने और काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह की बागी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने खुद को जेनरेशन जेड आंदोलन की असली आवाज के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की है।