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नेपाल में चुनावी बदलाव: बालेंद्र शाह की पार्टी की ऐतिहासिक जीत

नेपाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है, जहां बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने चुनावों में ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही है। पिछले साल के 'जेन जेड' प्रदर्शनों के बाद, यह चुनाव नेपाल के पारंपरिक राजनीतिक दलों के लिए एक चुनौती बन गया है। भारत इस चुनाव पर ध्यान दे रहा है, क्योंकि वह नेपाल में स्थिरता की उम्मीद कर रहा है। जानें इस चुनाव के परिणाम और अन्य राजनीतिक दलों का प्रदर्शन।
 

नेपाल की राजनीति में नया मोड़

नेपाल की राजनीतिक परिदृश्य में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। रैपर से राजनेता बने बालेंद्र शाह (बालेन) की अगुवाई में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) आम चुनावों में एक महत्वपूर्ण जीत की ओर बढ़ रही है। पिछले साल सितंबर में 'जेन जेड' (Gen Z) के हिंसक प्रदर्शनों के बाद हुए इन चुनावों ने नेपाल के पारंपरिक राजनीतिक दलों की नींव हिला दी है।


राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे इस देश में, आरएसपी के चुनावी प्रदर्शन ने स्थापित दलों के प्रभुत्व को चुनौती दी है।


चुनाव परिणाम और भारत की प्रतिक्रिया

नेपाल के निर्वाचन आयोग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, आरएसपी ने 18 सीटों पर जीत हासिल की है और 99 अन्य सीटों पर आगे चल रही है। भारत इस चुनाव पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, क्योंकि वह नेपाल में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच विकासात्मक सहयोग को बढ़ावा मिल सके।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हम नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं ताकि दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को और विकसित किया जा सके।'


भारत ने नेपाल में शांति और स्थिरता के लिए लगातार समर्थन किया है और चुनावों के लिए आवश्यक सामग्री भी प्रदान की है।


अन्य राजनीतिक दलों का प्रदर्शन

नेपाली कांग्रेस ने चार सीटें जीती हैं और 11 अन्य सीटों पर आगे है, जबकि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएन-यूएमएल) ने एक सीट जीती है और 11 सीटों पर आगे चल रही है।


नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने दो सीटें जीती हैं और 10 सीटों पर आगे है। श्रम संस्कृति पार्टी अब केवल तीन सीटों पर आगे है, जबकि पहले वह छह सीटों पर आगे थी।


नेपाल की संसद में कुल 275 सदस्य होंगे, जिनमें से 165 सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान से होगा।


मतदाता और चुनाव प्रक्रिया

इस आम चुनाव में लगभग 1.89 करोड़ मतदाता प्रतिनिधि सभा के 275 सदस्यों का चुनाव करने के लिए पात्र थे, जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत ने मतदान किया।


प्रत्यक्ष मतदान के तहत 165 सीटों के लिए लगभग 3,400 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि आनुपातिक मतदान के माध्यम से 110 सीटों के लिए 3,135 उम्मीदवार मैदान में हैं।


पिछले साल सितंबर में 'जेन जेड' के प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली को सत्ता से हटना पड़ा था। ओली ने नेपाली कांग्रेस के समर्थन से गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया था।


जेन जेड पीढ़ी के मुद्दे

'जेन जेड' पीढ़ी का तात्पर्य 1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों से है। ओली के हटने के बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 12 सितंबर को प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया और सुशीला कार्की को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया।


'जेन जेड' द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान, सुशासन, भाई-भतीजावाद का अंत और राजनीतिक नेतृत्व में पीढ़ीगत परिवर्तन शामिल हैं।


35 वर्षीय इंजीनियर बालेन के नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावना है, जो स्थापित दलों के प्रति जनता की अस्वीकृति को दर्शाता है। नेपाल में पिछले 18 वर्षों में 14 सरकारें बन चुकी हैं।