×

नेपाल में बाढ़ से तबाही: 939 मृतक, 4000 लापता

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 939 लोगों की जान चली गई है और लगभग 4,000 लोग लापता हैं। बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बारिश और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण मुश्किलें आ रही हैं। नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहायता मांगी है, और कई देशों के नागरिक भी लापता हैं। अस्पतालों में लापता रिश्तेदारों की तलाश करने वालों की भीड़ उमड़ रही है। जानें इस आपदा के बारे में और क्या हो रहा है।
 

नेपाल में बाढ़ का संकट

(शिरीष बी. प्रधान) काठमांडू, 31 अगस्त - नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के चलते मरने वालों की संख्या सोमवार को 939 तक पहुंच गई है, जबकि लगभग 4,000 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अब तक 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, लेकिन बचाव दल लगातार हो रही बारिश, उफनती नदियों और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण फंसे लोगों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं.


बाढ़ का कारण और प्रभाव

26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के टूटने से आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को बुरी तरह प्रभावित किया। भोटेकोशी नदी ने बाढ़ के पानी को नीचे की ओर बहा दिया, जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए, और जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा। इस आपदा में चीन के क्षेत्र में भी 16 लोगों की मौत हुई है, और तिब्बत में लगभग 550 लोग लापता बताए जा रहे हैं.


बचाव कार्य और अंतरराष्ट्रीय सहायता

अधिकारियों ने बताया कि बचाव दल नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न जलविद्युत परियोजना स्थलों पर 639 श्रमिकों और कर्मचारियों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। इनमें से कई लोग सुरंगों में फंसे हो सकते हैं। एक स्थान पर बचाव दलों को बंद सुरंग तक पहुंचने में कठिनाई हुई, जिसके बाद नियंत्रित विस्फोट किया गया। भारत और चीन की विशेषज्ञ टीमें भी बचाव कार्य में मदद कर रही हैं।


अंतरराष्ट्रीय मदद की मांग

नेपाल ने सुरंगों में बचाव कार्य और फोरेंसिक जांच के लिए विशेष उपकरणों और तकनीकी सहायता की मांग की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने कहा कि देश ने अमेरिका से फ्रीजर, डीएनए जांच किट और अन्य आवश्यक सामग्री मांगी है। इसके अलावा, सिंगापुर से आपदा पीड़ितों की पहचान से जुड़ी सामग्री और चीन व सिंगापुर से बेल्ली पुल तथा उच्च क्षमता वाले ड्रोन की मांग की गई है.


शवों की पहचान और लापता लोगों की खोज

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने बताया कि चितवन जिले में 279, नवलपरासी पूर्व में 216, नवलपरासी पश्चिम में 168, नुवाकोट में 95, गोरखा में 65, धादिंग में 55, तनहूं में 38 और रसुवा में 23 शव बरामद किए गए हैं। अस्पतालों में अपने लापता रिश्तेदारों की तलाश करने वाले लोगों की भीड़ उमड़ रही है, और अब ध्यान मृतकों की पहचान पर केंद्रित हो गया है.


लापता लोगों की संख्या

अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में अब भी लापता 3,925 लोगों में से कम से कम 590 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें भारतीय भी हैं। नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेपाल में 275 से अधिक भारतीय और भारतीय मूल के 128 लोग अब भी लापता हैं।


बचाव अभियान और राहत कार्य

रविवार को विदेश मंत्रालय ने बचाए गए 149 लोगों की सूची साझा की थी। अधिकारियों के अनुसार, नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 10,451 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिसमें स्थानीय लोग और विभिन्न देशों के पर्यटक शामिल हैं। नेपाल सरकार ने खोज और बचाव अभियान के लिए 21,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं.


सड़क और पुलों का नुकसान

बाढ़ के कारण 19 सड़क पुल और कई प्रमुख सड़कें बह गईं, जिनमें नेपाल का चीन के साथ मुख्य जमीनी व्यापार मार्ग भी शामिल है। सोमवार को अधिकारियों ने बताया कि गोरखा जिले में भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी नदी का प्रवाह कुछ समय के लिए रुक गया था, लेकिन बाद में पानी का प्रवाह फिर से शुरू हो गया.


सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं

नेपाल बचाव और राहत कार्यों के साथ-साथ गलत सूचनाओं से भी जूझ रहा है। भीषण बाढ़ के बाद सोशल मीडिया पर फर्जी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाए गए वीडियो और तस्वीरें तेजी से फैल गईं, जिसके चलते सरकार ने अनुचित सामग्री हटाने के लिए 72 उपयोगकर्ताओं को आदेश दिया है.