×

नेपाल में बाढ़ से फंसे कर्मियों के बचाव में जुटे भारतीय-नेपाली दल

नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ ने चिलीमे जलविद्युत परियोजना की सुरंग में कर्मियों को फंसा दिया है। भारतीय-नेपाली दल ने 70 मीटर मलबा हटा लिया है, जबकि बचाव कार्य जारी है। नेपाल के राजदूत ने बताया कि तकनीकी टीम ने और रास्ता साफ किया है। नेपाली सेना भी बचाव में जुटी है। इस आपदा में 1400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 5000 से अधिक लोग लापता हैं। जानें इस संकट की पूरी कहानी।
 

बचाव कार्य की प्रगति

26 अगस्त को नेपाल में आई अचानक बाढ़ के कारण चिलीमे जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे कर्मियों को बचाने के लिए भारतीय और नेपाली दल ने 70 मीटर मलबा हटा लिया है। अनुमान है कि वहां छह कर्मचारी फंसे हुए हैं। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने शनिवार को जानकारी दी कि बचाव कार्य में मिट्टी खोदने और मलबा उठाने वाली मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्य में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि तकनीकी टीम ने लगभग 70 मीटर और रास्ता साफ किया है।


सुरंग की गहराई और बचाव दल की मेहनत

परियोजना प्रबंधक के अनुसार, जलविद्युत केंद्र की सुरंग में और 60 मीटर की गहराई है। श्रीवास्तव ने कहा कि बचाव दल ने वहां तक पहुंचने के लिए रात भर काम किया। अधिकारियों ने बताया कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बचाव स्थल तक पहुंचने के लिए सड़क तैयार कर ली है।


नेपाली सेना की सहायता

नेपाली सेना ने बताया कि उसने स्याफ्रुबेसी से चिलीमे सुरंग तक एक किलोमीटर से अधिक लंबी पहुंच सड़क बनाई है, जिससे बचाव उपकरण घटनास्थल के करीब लाए जा सकेंगे। ‘खबरहब’ समाचार पोर्टल के अनुसार, नेपाली सेना और भारतीय बचावकर्मी मिलकर चिलीमे सुरंग के अंदर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, सेना ने ऊपरी त्रिशूली-3बी जलविद्युत परियोजना पर भी बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी है, जहां 100 से अधिक सैनिक तैनात हैं।


खोज और बचाव अभियान

‘द हिमालयन टाइम्स’ ने रविवार को बताया कि नेपाली सेना के जवान ऊपरी त्रिशूली-3बी परियोजना स्थल पर खोज और बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं। हालांकि, चिलीमे में यह पुष्टि नहीं हुई है कि बचाव दल का उन छह कर्मचारियों से संपर्क हो पाया है। खबरों के अनुसार, बचाव दल को उस स्थान के पास वायु प्रवाह का एक स्थान मिला है, जहां कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि वे जीवित हैं या उनसे संपर्क हो गया है।


भयंकर बाढ़ का प्रभाव

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हिमस्खलन के कारण भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 1400 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 5000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। अनुमान है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल विद्युत परियोजनाओं से जुड़ी लगभग एक दर्जन सुरंगों में करीब 100 लोग फंसे हुए हैं।