नेपाल में बालेंद्र शाह की जीत: नई राजनीतिक दिशा की ओर कदम
नेपाल में हालिया चुनावों में बालेंद्र शाह ने एक महत्वपूर्ण जीत हासिल की है, जिससे उनकी राजनीतिक यात्रा को नई दिशा मिली है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को हराकर शाह ने झापा पांच सीट से जीत दर्ज की। पीएम मोदी ने उन्हें बधाई दी है। इस लेख में जानें कि पूर्व प्रधानमंत्रियों की स्थिति क्या है, शाह की काठमांडू के मेयर के रूप में पहचान, और उनके विवादों के बारे में। बालेंद्र शाह को Gen-Z आंदोलन का प्रमुख चेहरा माना जाता है, जो युवाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
Mar 8, 2026, 20:50 IST
नेपाल में चुनावी बदलाव
नेपाल में हालिया चुनावों में बालेंद्र शाह, जिन्हें आमतौर पर बालन शाह के नाम से जाना जाता है, ने एक महत्वपूर्ण जीत हासिल की है। उन्होंने झापा पांच सीट से चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक यात्रा को नई दिशा दी है। बालन शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी, पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, को 49,614 वोट मिले। इस जीत के बाद, पीएम मोदी ने उन्हें सोशल मीडिया पर बधाई दी, जिसमें उन्होंने नेपाल के लोगों और सरकार को चुनाव के सफल आयोजन पर शुभकामनाएं दीं। मोदी ने कहा कि नेपाल के नागरिकों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करते देखना प्रेरणादायक है।
पूर्व प्रधानमंत्रियों की स्थिति
पूर्व पीएम का क्या हुआ?
पुष्प कमल दहल प्रचंड ने भी चुनाव में भाग लिया और एक सीट से जीत हासिल की, जबकि अन्य पूर्व प्रधानमंत्री जैसे माधव कुमार नेपाल और डॉ. बाबूराम भट्टराई ने चुनाव में भाग नहीं लिया। माधव कुमार को इस बार हार का सामना करना पड़ा, जबकि भट्टराई ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। शेर बहादुर देवबा और झालानाथ खनाल ने भी चुनाव में भाग नहीं लिया।
काठमांडू के मेयर के रूप में पहचान
काठमांडू के मेयर के रूप मे पहचान
बालेन शाह ने 2022 में काठमांडू के मेयर के रूप में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज की। उनका नारा "बदलाव का समय" था, जिसके तहत उन्होंने भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के खिलाफ अभियान चलाया। उनकी जीत के बाद, उन्होंने शहर में अवैध निर्माण हटाने और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए कई कदम उठाए।
राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती भूमिका
राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती भूमिका
पिछले साल, बालेंद्र शाह ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) में शामिल होकर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की। चुनाव प्रचार के दौरान, उन्होंने युवाओं के बीच अपनी लोकप्रियता को बढ़ाने के लिए एक अनोखे अंदाज में प्रचार किया। उनकी छवि खासकर Gen-Z के बीच काफी प्रभावशाली मानी जाती है।
GenZ आंदोलन का प्रमुख चेहरा
GenZ आंदोलन का प्रमुख चेहरा
बालेन शाह को नेपाल में युवा बदलाव के आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा माना जाता है। उन्होंने युवाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया और सोशल मीडिया के माध्यम से संवाद स्थापित किया।
विवादों से नजदीकी नाता
विवाद से रहा है नजदीकी नाता
उनके कार्यकाल के दौरान कुछ विवाद भी उठे, जैसे कि सड़कों को खाली कराने पर मानवाधिकार संगठनों की आलोचना और 'ग्रेटर नेपाल' के नक्शे को लेकर विवाद, जिसमें भारत के कुछ क्षेत्रों को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था।