नेपाल में बालेन शाह का ऐतिहासिक प्रधानमंत्री पद ग्रहण
बालेन शाह का नया राजनीतिक युग
बालेन शाह: नेपाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो चुका है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख बालेन शाह ने नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है। उनके प्रधानमंत्री बनने के साथ ही उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया है। एक रैपर-इंजीनियर, जो एक हाथ में घंटी और आंखों पर काला चश्मा लगाए हुए हैं, अब नेपाल की दिशा तय करेंगे।
यह ध्यान देने योग्य है कि बालेन शाह ने अपने चुनावी अभियान के दौरान केवल पांच जनसभाओं को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कुल 26 मिनट का भाषण दिया। उनकी पार्टी, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP), ने नेपाल की 275 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा में 182 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया, जिसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
बालेन शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान आम जनता के साथ सीधे संवाद किया। जनकपुर में उन्होंने अपनी मातृभाषा मैथिली में बात की, जबकि सुदूर पश्चिम में डोटेली बोली का उपयोग किया। वे मंच पर जाकर बड़े-बड़े वादे नहीं करते थे, बल्कि जनता से सीधे संवाद करते रहे। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान लोगों से पूछा, "क्या आपने चाय पी ली? आज कौन सी सब्जी खाई?" ऐसे सवालों ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया।
बालेन शाह की यह सीधी और सरल शैली ने उन्हें एक बड़े नेता के रूप में उभारा और उनकी पार्टी को चुनाव में बड़ी जीत दिलाई। उनकी रणनीति में लंबे भाषण देने के बजाय लोगों से सीधे मिलना और काम करने की बात करना शामिल था, जिसका परिणाम चुनाव में स्पष्ट रूप से देखा गया।
Gen-Z आंदोलन के प्रभाव
बालेन राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेता हैं। लगभग छह महीने पहले, केपी शर्मा ओली की सरकार को युवाओं के नेतृत्व वाले Gen-Z आंदोलन के तहत भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों के बाद हटाया गया था। बालेन पहले काठमांडू के मेयर रह चुके हैं और वे इंजीनियर होने के साथ-साथ रैप गानों के माध्यम से भ्रष्टाचार और युवाओं की समस्याओं को उजागर करते रहे हैं।