नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा पर सर्वदलीय बैठक का आयोजन
सर्वदलीय बैठक में उठी चिंता
(शिरीष बी प्रधान) काठमांडू, 29 जुलाई - नेपाल में बुधवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में सुनसरी जिले में भारत-नेपाल सीमा पर हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई। दो धार्मिक समुदायों के बीच विवाद के चलते एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जिसके बाद सभी संबंधित पक्षों से सामाजिक सद्भाव और शांति बनाए रखने की अपील की गई। यह बैठक प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह द्वारा हिंसा पर दुख व्यक्त करने और शांति बनाए रखने की अपील के एक दिन बाद हुई।
हिंसा की पृष्ठभूमि
सुनसरी जिले के कप्तानगंज क्षेत्र में रविवार को दो धार्मिक समुदायों के समारोहों के दौरान विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की जान चली गई और कई लोग घायल हुए। सोमवार को क्षेत्र में प्रतिबंध लगाए गए थे, जो बुधवार तक अनिश्चितकाल के लिए जारी रहे। सर्वदलीय बैठक में सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
राजनीतिक दलों का संयुक्त बयान
सिंह दरबार में हुई इस बैठक में शामिल आठ राजनीतिक दलों के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने एकता, सहिष्णुता और सांप्रदायिक सद्भाव को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने शांतिपूर्ण बातचीत और समझौते के माध्यम से मुद्दों को सुलझाने की अपील की। इस बयान पर आरएसपी अध्यक्ष लामिछाने, नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’, और अन्य नेताओं ने हस्ताक्षर किए।
सरकार की सहायता की घोषणा
प्रधानमंत्री शाह ने मारे गए व्यक्ति को श्रद्धांजलि दी और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने नागरिकों से उकसावे और गुस्से से दूर रहने की अपील की। इसी संदर्भ में, सुनसरी के सहायक मुख्य जिला अधिकारी पोशन लमिछाने ने बताया कि कोशी प्रांत की सरकार ने हिंसा में मारे गए व्यक्ति के परिवार को 2,00,000 नेपाली रुपये का मुआवज़ा देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को इलाज के खर्च के लिए 50,000 नेपाली रुपये दिए जाएंगे। सुनसरी, जो दक्षिण-पूर्वी नेपाल में बिहार राज्य की सीमा पर स्थित है, दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण कारोबारी गलियारा है।