नोएडा हिंसा मामले में तीन मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान, दो गिरफ्तार
नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन की जांच
- पुलिस ने जुटाए महत्वपूर्ण सबूत, पाकिस्तान कनेक्शन की जांच जारी
नोएडा हिंसा मामला - श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन की जांच में पुलिस ने तेजी लाते हुए तीन मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान की है। गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट ने रूपेश राय और मनीषा चौहान को गिरफ्तार किया है, जबकि आदित्य आनंद अभी भी फरार है। पुलिस के अनुसार, ये तीनों आरोपी हिंसा के समय नोएडा में मौजूद थे और श्रमिकों को भड़काने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
जांच में तीन संगठनों का नाम सामने आया है, जिनमें से प्रमुख 'मजदूर बिगुल दस्ता' है। रूपेश राय इस संगठन का नेतृत्व कर रहा था और इसके माध्यम से श्रमिकों को संगठित कर प्रदर्शन के लिए उकसाया गया। आरोपियों ने 9 और 10 अप्रैल को व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर बड़ी संख्या में श्रमिकों को जोड़ा और उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस का कहना है कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर सुनियोजित तरीके से हिंसा फैलाने की योजना बनाई गई थी। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जांच के दौरान दो संदिग्ध X (पूर्व ट्विटर) हैंडल 'Meer Ilayasi' और 'Ayushi Tiwari' की जानकारी मिली है, जो पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, इन हैंडल्स को ऑपरेट करने के लिए VPN का उपयोग किया गया था ताकि उनकी लोकेशन छिपाई जा सके। पुलिस ने इनसे संबंधित बैक-एंड डाटा की मांग की है और 'Proud Indian' और 'Meer Ilayasi Inc' नाम के अकाउंट्स के खिलाफ सेक्टर-20 थाने में मामला दर्ज किया गया है।
62 गिरफ्तार, 13 मामले दर्ज
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, अब तक इस मामले में कुल 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें साजिशकर्ता और उपद्रव में शामिल आरोपी शामिल हैं। सभी को जेल भेज दिया गया है और इस मामले में कुल 13 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि 31 मार्च और 1 अप्रैल को रूपेश राय, मनीषा चौहान और आदित्य आनंद नोएडा में एक साथ थे और उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से श्रमिकों को हिंसा के लिए उकसाया। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।