पंजाब कांग्रेस में बगावत: भूपेश बघेल ने नेताओं की नाराजगी सुनी
पंजाब कांग्रेस में स्थिति सामान्य होने का संकेत
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने संकेत दिया है कि पार्टी में स्थिति सामान्य हो रही है। हालांकि, बागी गुट के नेताओं के साथ उनकी बैठक में तनाव बना रहा। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बघेल से कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को हटाना आवश्यक है। बघेल ने आश्वासन दिया कि वे उनकी बात पार्टी आलाकमान तक पहुंचाएंगे।
पिछले पांच दिनों से पंजाब में मौजूद बघेल की चन्नी गुट के साथ पहली मुलाकात शनिवार को हुई। चन्नी और अन्य नेताओं के साथ उनकी बातचीत लगभग दो घंटे तक चली। चन्नी ने कहा कि वे राजा वडिंग के नेतृत्व में काम नहीं कर सकते और उनके इस्तीफे की मांग की।
सुखजिंदर रंधावा ने राजा वडिंग के खिलाफ बोलते हुए कहा, 'हमें ऐसे अध्यक्ष की आवश्यकता नहीं है जो कांग्रेस को नुकसान पहुंचाए। हमें एक मजबूत नेता चाहिए।' अन्य नेताओं ने भी वडिंग की आलोचना की। उल्लेखनीय है कि बागी गुट ने बैठक में वडिंग को आमंत्रित नहीं करने की शर्त रखी थी। हालांकि, बघेल ने वडिंग के साथ पहले बैठक की और फिर बागी नेताओं के साथ बैठक के बाद वडिंग की गाड़ी में एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। इससे यह स्पष्ट होता है कि आलाकमान वडिंग को बदलने के पक्ष में नहीं है।
बैठक के दौरान नेताओं की नाराजगी को देखते हुए बघेल ने कहा कि वे सभी मुद्दों को हाईकमान तक पहुंचाएंगे। बैठक में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी कहा कि हाईकमान को राजा वडिंग की नई नियुक्ति पर पुनर्विचार करना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, विधायक प्रगट सिंह ने बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इंटरव्यू देने के बजाय कांग्रेस को बचाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।