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पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव: पूर्व कांग्रेस विधायक रमिंदर सिंह आवला का अकाली दल में शामिल होना

पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है जब पूर्व कांग्रेस विधायक रमिंदर सिंह आवला ने शिरोमणि अकाली दल में शामिल होने का निर्णय लिया। सुखबीर सिंह बादल ने उनका स्वागत किया और विश्वास व्यक्त किया कि आवला पार्टी को 2027 के चुनावों में मजबूत बनाएंगे। आवला ने जलालाबाद से 2019 में उपचुनाव जीतकर विधायक बने थे। इस बदलाव से पंजाब की राजनीतिक स्थिति में नई हलचल देखने को मिल सकती है।
 

पंजाब में राजनीतिक हलचल


पंजाब समाचार: विधानसभा चुनावों से पहले, पंजाब की राजनीतिक स्थिति में रविवार को एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) में शामिल होने का निर्णय लिया है। शिअद के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आवला का पार्टी में स्वागत किया।


सुखबीर सिंह बादल का स्वागत

सुखबीर सिंह बादल ने 'X' पर एक पोस्ट में लिखा, "कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जलालाबाद के पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला का शिरोमणि अकाली दल परिवार में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है।" उन्होंने यह भी कहा, "जलालाबाद ने मुझे तीन बार सेवा करने का अवसर दिया है। यह वही क्षेत्र है जिसने अकाली दल की सरकारों के दौरान क्रांतिकारी विकास देखा है।"


जलालाबाद से तीन बार विधायक

बादल ने विश्वास व्यक्त किया कि आवला 2027 में पार्टी की जीत के लिए निर्वाचन क्षेत्र और पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में शिअद को मजबूत करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे। सुखबीर सिंह बादल खुद जलालाबाद निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके हैं।


आवला का चुनावी सफर

आवला ने फाजिल्का जिले की जलालाबाद विधानसभा सीट से 2019 का उपचुनाव लड़ा था और शिअद के उम्मीदवार राज सिंह डिब्बीपुरा को हराकर कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे।