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पंजाब के मजीठा में कांग्रेस को झटका, कई नेता आम आदमी पार्टी में शामिल

पंजाब के मजीठा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है, जब कई वरिष्ठ नेता आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन नेताओं का स्वागत करते हुए पंजाब सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक परिदृश्य में हलचल मचा दी है।
 

कांग्रेस को मजीठा में बड़ा झटका

चंडीगढ़: पंजाब के मजीठा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को एक महत्वपूर्ण झटका लगा है। कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जो मुख्यमंत्री भगवंत मान की नीतियों और आम आदमी पार्टी (आप) की कार्यशैली से प्रभावित हुए हैं, ने अब 'आप' का दामन थाम लिया है।


कांग्रेस के नेता परमजीत सिंह पम्मा, पलविंदर सिंह पाली, जगदीप सिंह गोगा, अपरमदीप दीप सिंह अप्पू और अमनदीप सिंह अपने समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत किया और कहा कि पंजाब में आम लोगों के लिए किए जा रहे कार्यों से लोग लगातार प्रभावित हो रहे हैं। कार्यक्रम में मजीठा क्षेत्र के इंचार्ज और 'आप' के वरिष्ठ नेता तलबीर सिंह गिल भी उपस्थित थे।


आम आदमी पार्टी पंजाब ने अपने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट में इस घटनाक्रम को कांग्रेस के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका बताया। पार्टी ने उल्लेख किया कि मजीठा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए हैं। पोस्ट में यह भी कहा गया कि तलबीर सिंह गिल की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने सभी नेताओं को सम्मानित करते हुए औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कराया।


मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने आधिकारिक 'एक्स' पर पंजाब सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब की 'शिक्षा क्रांति' अब देशभर में एक मिसाल बन चुकी है। नीति आयोग की रैंकिंग में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में पहले स्थान पर पहुंच गया है।


उन्होंने बताया कि शिक्षकों को फिनलैंड भेजने, 99 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध कराने और अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) जैसी पहलों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। अब सामान्य परिवारों के बच्चे भी उत्कृष्ट परिणाम ला रहे हैं।


भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार पंजाब के अधिकारों की मजबूती से रक्षा कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा को अतिरिक्त पानी नहीं दिया जाएगा। साथ ही, पात्र मतदाताओं के 'अधिकारों की रक्षा और बलि-विरोधी कानून' को सख्ती से लागू करने का आश्वासन दिया। उनका मुख्य लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत कर आम लोगों का जीवन स्तर बेहतर बनाना है।