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पंजाब बजट 2026-27: सुखजिंदर रंधावा की कड़ी आलोचना

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने राज्य सरकार के बजट 2026-27 पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे दिशाहीन और जनविरोधी बताते हुए कहा कि बजट में केवल बड़े दावे किए गए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस नीति नहीं है। रंधावा ने किसानों, युवाओं और व्यापारियों के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार ने केवल राजनीतिक प्रचार के लिए बजट तैयार किया है। उन्होंने जनता की समस्याओं को गंभीरता से समझने की आवश्यकता पर जोर दिया।
 

सरकार की नीतियों पर सवाल

सरकार ने बेरोजगारी, किसानी मुद्दों और उद्योगों को किया नजरअंदाज, बजट में केवल बड़े दावे


पंजाब की जनता की टूटी उम्मीदें, सरकार ने एक बार फिर किया लोगों को निराश


चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आज राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत पंजाब बजट 2026-27 पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने 2.61 लाख करोड़ रुपए के बजट को दिशाहीन और जनविरोधी करार दिया। रंधावा ने कहा कि बजट में आंकड़े तो बढ़े हैं, लेकिन वास्तविकता में कोई सुधार नहीं हुआ है। चुनावी वर्ष में पेश किए गए बजट में केवल बड़े दावे किए गए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस नीति नहीं दिखाई दे रही है।


महिला दिवस के अवसर पर बजट में सरकार ने ठगी की है। रंधावा ने सुझाव दिया कि महिलाओं को 1000 और 1500 रुपए के हिसाब से पिछले पांच वर्षों का पूरा पैसा दिया जाना चाहिए।


उन्होंने आरोप लगाया कि इस बजट में किसानों की समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया गया और न ही युवाओं, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए कोई ठोस योजना प्रस्तुत की गई है। पंजाब की जनता को इस बजट से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार ने फिर से निराश किया है। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस बजट से आम आदमी को क्या लाभ होगा।


रंधावा ने कहा कि पंजाब पहले से ही भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है, लेकिन सरकार ने कर्ज कम करने या राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस योजना नहीं दी। इसके विपरीत, सरकार नए कर्ज लेकर राज्य की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर रही है।


उन्होंने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था का आधार किसान हैं, लेकिन बजट में किसानों के लिए कोई राहत नहीं दी गई। किसानों की कर्ज माफी, फसल विविधीकरण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में बड़े स्तर की घोषणाएं होनी चाहिए थीं, लेकिन सरकार केवल वादों तक सीमित रह गई है।


रंधावा ने यह भी कहा कि पंजाब के लाखों युवा रोजगार की तलाश में विदेशों की ओर जा रहे हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें राज्य में रोजगार देने के लिए कोई प्रभावी योजना नहीं बनाई। राज्य में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, जबकि सरकार केवल कागजी योजनाओं का प्रचार कर रही है।


उन्होंने व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में भी सरकार की नीतियों की आलोचना की। राज्य में निवेश लाने और उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस नीति की आवश्यकता है, लेकिन बजट में इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।


शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी बजट में कोई बड़ा सुधार नहीं दिखाई देता। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति सुधारने के लिए ठोस निवेश की आवश्यकता है, लेकिन सरकार केवल प्रचार पर ध्यान दे रही है।


रंधावा ने कहा कि यह बजट जनता के हित में नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रचार के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों को पूरा करने में असफल रही है। जनता अब समझ चुकी है कि सरकार केवल घोषणाएं करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं लाती।


उन्होंने अंत में कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए प्रभावी नीतियां बनानी चाहिए। पंजाब की जनता को एक मजबूत और दूरदर्शी आर्थिक नीति की आवश्यकता है, लेकिन मौजूदा बजट उस पर खरा नहीं उतरता है। कांग्रेस पार्टी हमेशा जनता के हितों की आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। यदि सरकार जनता के मुद्दों को नजरअंदाज करती रही, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करेगी।