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पंजाब में अंतिम संस्कार के 20 दिन बाद जिंदा मिला युवक, परिवार और पुलिस हैरान

पंजाब के कपूरथला में एक युवक, जिसे मृत मानकर अंतिम संस्कार किया गया था, 20 दिन बाद जिंदा मिला। यह घटना परिवार और पुलिस दोनों के लिए चौंकाने वाली रही। युवक की पहचान और उसके शव की पहचान में हुई गलती ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जानें इस अनोखी कहानी के सभी पहलुओं के बारे में।
 

कपूरथला में अनोखा मामला

कपूरथला, पंजाब से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है जिसने परिवार और पुलिस दोनों को चौंका दिया है। एक युवक, जिसे मृत मानकर उसके परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया था, वह लगभग 20 दिन बाद कपूरथला केंद्रीय जेल में जिंदा पाया गया।


परिवार को मिली जानकारी

जब जेल के एक कर्मचारी ने परिवार को फोन किया, तो उन्हें इस बात पर विश्वास नहीं हुआ। लेकिन जब वे जेल पहुंचे और अपने बेटे रवि कुमार को जिंदा देखा, तो उनके लिए यह एक बड़ा सदमा था।


लापता युवक की पहचान

पुलिस के अनुसार, कादूपुर के निवासी टीटी का 25 वर्षीय बेटा रवि कुमार 5 अगस्त से लापता था। परिवार ने उसकी खोजबीन की और बाद में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।


इस बीच, 9 अगस्त को कांजली रोड पर एक अज्ञात युवक का शव मिला। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया, लेकिन उसकी पहचान करना मुश्किल था।


अंतिम संस्कार की प्रक्रिया

शव की पहचान के लिए रवि के परिवार को बुलाया गया। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शव को रवि का मान लिया। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, परिवार ने 13 अगस्त को अंतिम संस्कार किया। इसके दो दिन बाद 15 अगस्त को अंतिम रस्में भी पूरी की गईं।


जेल में बंद होने का खुलासा

कपूरथला केंद्रीय जेल के एक कर्मचारी ने परिवार को सूचित किया कि रवि कुमार जेल में बंद है। शुरुआत में परिवार को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब उन्हें बताया गया कि रवि उनसे बात करना चाहता है, तो वे जेल पहुंचे।


पुलिस की जांच

जांच में पता चला कि रवि कुमार 5 अगस्त से ही जेल में था, जबकि अज्ञात शव 9 अगस्त को बरामद हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड में रवि से संबंधित एंट्रियां भी मौजूद हैं।


पुलिस अधिकारी के अनुसार, रवि को जालंधर पुलिस ने आवारागर्दी के मामले में पकड़ा था।


पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब रवि 5 अगस्त से जेल में था, तो 9 अगस्त को मिले शव की पहचान कैसे हुई? केवल कपड़ों के आधार पर पहचान क्यों स्वीकार की गई?


DSP शीतल सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


अज्ञात शव की पहचान

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कांजली रोड पर मिला शव किसका था? परिवार ने जिस युवक का अंतिम संस्कार किया, उसकी असली पहचान क्या है? इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।