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पंजाब में 'खेडां वतन पंजाब दियां' खेल महोत्सव का चौथा संस्करण 5 सितंबर से शुरू

पंजाब में 'खेडां वतन पंजाब दियां' का चौथा संस्करण 5 सितंबर से शुरू होने जा रहा है, जिसमें 14 से 70 वर्ष की आयु के 10 लाख से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। इस महोत्सव में कुल 38 खेल विधाओं के साथ चार पैरा खेल भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने और नशे के खिलाफ लड़ाई में मदद करने का लक्ष्य रखा है। खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार और सरकारी नौकरियों में लाभ के लिए ग्रेडेशन प्रमाण-पत्र भी दिए जाएंगे।
 

खेल महोत्सव का उद्घाटन और समापन

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि 'खेडां वतन पंजाब दियां' का चौथा संस्करण 5 सितंबर को बठिंडा में शुरू होगा और 29 नवंबर को पटियाला में समाप्त होगा। इस खेल महाकुंभ में 14 से 70 वर्ष की आयु के लगभग 10 लाख खिलाड़ी भाग लेंगे।


खेल विधाओं की विविधता

इस वर्ष चार पैरा खेलों सहित कुल 38 खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। पहली बार पुरुष और महिला टेनिस बॉल क्रिकेट को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है।


पुरस्कार और प्रोत्साहन

स्वर्ण पदक विजेताओं को 10,000 रुपये, रजत पदक विजेताओं को 7,000 रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 5,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। 40 वर्ष तक के पदक विजेताओं को सरकारी नौकरियों में खेल कोटे के तहत लाभ के लिए ग्रेडेशन प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।


पंजीकरण प्रक्रिया

खिलाड़ियों के लिए पहली बार कोड आधारित पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई है, जिससे वे कहीं से भी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।


मशाल मार्च और खेलों का महत्व

मशाल मार्च 12 अगस्त को शुरू हुआ था और यह 5 सितंबर को अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले सभी जिलों से गुजरेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देना नशे के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण साधन है।


खेलों का सामाजिक प्रभाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। यह महोत्सव न केवल खेल प्रतिभाओं को पहचानने का अवसर है, बल्कि यह विभिन्न पीढ़ियों को एक साथ लाने का भी एक मंच है।


खेलों का आयोजन

राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं 10 अक्टूबर से 23 नवंबर तक तीन चरणों में आयोजित की जाएंगी। ब्लॉक और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में नवनिर्मित ग्रामीण खेल मैदानों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।