पंजाब में झोटा हत्या मामले पर अमित शाह ने उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांग
मानसा में झोटा की हत्या का मामला
नई दिल्ली - पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध का खतरा बढ़ रहा है। शाह ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय मानसा हत्याकांड और दिड़बा में एक व्यक्ति द्वारा दबाव में जहर खाने की घटना पर पंजाब सरकार से स्पष्टीकरण मांगेगा।
शाह ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि पंजाब आज नशे और संगठित अपराध के बढ़ते खतरे का सामना कर रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि राज्य की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। शाह ने कहा कि पंजाब के लोगों को केवल प्रचार और घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहिए।
उन्होंने आगे लिखा कि दिड़बा में एक पिता का दबाव में जहर खाना और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। झोटा के पिता ने आप सरकार और उनके विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गृह मंत्रालय इन दोनों घटनाओं पर पंजाब सरकार से जवाब मांगेगा। शाह ने कहा कि मैं पंजाब की जनता के सामने अपना संकल्प दोहराता हूँ कि हमारी सरकार बनने पर हम नशामुक्त, गैंगस्टरमुक्त और सुरक्षित पंजाब बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है - नशे के कारोबार पर प्रहार, युवाओं के भविष्य की रक्षा, अपराधियों पर कठोर कार्रवाई और कानून का ऐसा राज, जिसमें कोई भी नागरिक भय के साये में न जीने को मजबूर न हो।
झोटा की हत्या की घटना
मानसा में 13 अक्टूबर को परविंदर सिंह उर्फ झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, एक मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की कथित बिक्री को लेकर झोटा का दुकानदार अश्विनी कुमार से विवाद हुआ था। इसी दौरान गोलीबारी में झोटा को पेट में दो और जांघ में एक गोली लगी। अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि उनके चार साथी घायल हुए।
पुलिस ने 14 अक्टूबर को मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। घटना के बाद मानसा में विरोध प्रदर्शन हुए। आक्रोशित लोगों ने आरोपी की दुकान में आग लगा दी, जबकि प्रशासन ने उसके घर के एक हिस्से को भी गिराया।
सीबीआई जांच की मांग और पुलिस अधिकारी का निलंबन
झोटा को न्याय दिलाने और मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर विरोध तेज हुआ। 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया गया और मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई।
इस बीच, मानसा सिटी-2 थाने की एसएचओ बेअंत कौर को निलंबित कर दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी अश्विनी कुमार और विपिन कुमार को 22 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया। झोटा के परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग दोहराई है।