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पंजाब में धर्म परिवर्तन पर सख्त कानून की मांग

पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर राज्य में बढ़ते धर्म परिवर्तन के मामलों पर चिंता जताई है। उन्होंने सख्त कानून बनाने की मांग की है, जिससे इस समस्या का समाधान किया जा सके। डॉ. शर्मा का कहना है कि पंजाब में धर्म परिवर्तन की घटनाएं समाज में असंतुलन पैदा कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों में इस मुद्दे पर कानून बनाए गए हैं, लेकिन पंजाब में ऐसा कोई कानून नहीं है।
 

धर्म परिवर्तन रोकने के लिए सख्त कानून की आवश्यकता

  • धर्म परिवर्तन रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग


चंडीगढ़: पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक पत्र भेजकर राज्य में बढ़ते धर्म परिवर्तन के मामलों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस समस्या को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की आवश्यकता बताई है।


डॉ. शर्मा ने कहा कि धर्म परिवर्तन की बढ़ती घटनाएं समाज में असंतुलन पैदा कर सकती हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि इस वर्ष पंजाबी समुदाय श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी मना रहा है, जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। ऐसे समय में पंजाब में हो रहे धर्म परिवर्तन पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।


उन्होंने बताया कि कई राज्यों में धर्म परिवर्तन के खिलाफ कानून बनाए गए हैं, लेकिन पंजाब में ऐसा कोई कानून नहीं है। उनका आरोप है कि कुछ स्थानों पर गरीबों को प्रलोभित करके धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इस समस्या का समाधान करने के लिए कानून बनाना आवश्यक है।


डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि धर्म परिवर्तन से संबंधित गैर-कानूनी संस्थाओं की जांच की जानी चाहिए। इसके साथ ही, विदेशी फंडिंग से चलने वाले नेटवर्क की निष्पक्ष जांच भी आवश्यक है, ताकि ऐसे मामलों में शामिल लोगों को राजनीतिक संरक्षण न मिले।


उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब जैसे संवेदनशील राज्य में सामाजिक और सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इसलिए राज्य सरकार को इस विषय पर त्वरित कदम उठाकर आवश्यक कानून बनाना चाहिए।