×

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027: सतवंत सिंह को मिला अकाली दल का टिकट

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अकाली दल ने सतवंत सिंह को अपना पहला उम्मीदवार घोषित किया है। सतवंत सिंह, 1984 के इंदिरा गांधी हत्या मामले में दोषी ठहराए गए केहर सिंह के बेटे हैं। इस चुनावी रणनीति के तहत पार्टी पंथक और पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले चेहरे के माध्यम से चुनावी मैदान में उतरने की योजना बना रही है। जानें इस चुनावी प्रक्रिया में अन्य प्रमुख व्यक्तियों की भूमिका और उनके अतीत के बारे में।
 

पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी


पंजाब विधानसभा चुनाव 2027: पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने चुनाव के लिए अपना पहला उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने बस्सी पठाना विधानसभा क्षेत्र से सतवंत सिंह को उम्मीदवार बनाया है। सतवंत सिंह, 1984 के इंदिरा गांधी हत्या मामले में दोषी ठहराए गए केहर सिंह के पुत्र हैं। इस उम्मीदवार की घोषणा पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तरसेम सिंह ने की, जिसमें सांसद सरबजीत सिंह खालसा भी उपस्थित थे।


सतवंत सिंह की पहचान मुख्यतः उनके पिता केहर सिंह के नाम से जुड़ी हुई है। उनकी उम्र, शिक्षा, पेशा या किसी बड़े चुनावी पद के बारे में कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।


हालांकि, अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने उन्हें 2027 के लिए अपना पहला उम्मीदवार बनाकर यह संकेत दिया है कि पार्टी बस्सी पठाना में पंथक और पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले चेहरे के माध्यम से चुनावी मैदान में उतरना चाहती है।


केहर सिंह का विवादास्पद अतीत

केहर सिंह का नाम 1984 के मामले से जुड़ा: केहर सिंह का नाम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के मामले में शामिल रहा है। 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या उनके दो सुरक्षा कर्मियों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने की थी। केहर सिंह पर इस हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगा था। अदालत ने उन्हें आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया और उन्हें मौत की सजा दी गई। 6 जनवरी 1989 को तिहाड़ जेल में उन्हें फांसी दी गई।


अमृतपाल सिंह का चुनावी सफर

अमृतपाल सिंह ने जेल से चुनाव जीता: अमृतपाल सिंह ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख चेहरों में से एक हैं। 2022 में उन्होंने संगठन की कमान संभाली और पंजाब में पंथक मुद्दों पर सक्रियता दिखाई। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वर्तमान में वे सांसद हैं। अमृतपाल सिंह को 2023 में पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था और बाद में उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की गई। जेल में रहते हुए भी उन्होंने लोकसभा चुनाव जीता। अब उनके पिता तरसेम सिंह पार्टी का संचालन कर रहे हैं।


सरबजीत सिंह खालसा की भूमिका

कौन हैं फरीदकोट सांसद सरबजीत सिंह खालसा? सरबजीत सिंह खालसा फरीदकोट लोकसभा सीट से सांसद हैं। वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले बेअंत सिंह के बेटे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फरीदकोट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की। चुनाव के दौरान उन्होंने पंथक मुद्दों, सिख अधिकारों और पंजाब से जुड़े विभिन्न विषयों को प्रमुखता से उठाया।


सरबजीत सिंह खालसा अब अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के राजनीतिक प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और पार्टी की चुनावी रणनीति में उनका नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है।