×

पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस की तैयारियां तेज़

पंजाब कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को तेज़ कर दिया है। पार्टी ने चुनाव आयोग को बूथ स्तर के एजेंटों की सूची सौंप दी है और संगठन को सक्रिय करने के लिए अभियान चला रही है। सांसद गुरजीत सिंह औजला ने बताया कि पार्टी पूरी एकजुटता के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। जानें और क्या कहा औजला ने।
 

कांग्रेस की चुनावी तैयारियों का जोर

नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को गति दे दी है। पार्टी ने चुनाव आयोग को बूथ स्तर के एजेंटों (BLA-1 और BLA-2) की सूची प्रस्तुत की है और बूथ तथा ब्लॉक स्तर पर संगठन को सक्रिय करने के लिए अभियान तेज़ी से चलाया जा रहा है। यह जानकारी अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने नई दिल्ली में साझा की।


औजला ने कहा कि कांग्रेस पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग को BLA-1 और BLA-2 की सूची सौंप दी गई है, जिससे मतदाता सूची से संबंधित कार्यों और चुनावी तैयारियों को मजबूती मिलेगी।


प्रदेश नेतृत्व के बारे में पूछे जाने पर औजला ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान जो भी निर्णय करेगा, सभी नेता उसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हैं, जबकि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। पार्टी एकजुटता के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी।


इस दौरान औजला ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर पंजाब के सीमावर्ती जिलों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर एक मांग-पत्र भी सौंपा। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए विशेष विकास पैकेज की मांग करते हुए कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री का यह पंजाब का तीसरा दौरा है, लेकिन सीमा क्षेत्र अब भी बड़े विकास पैकेज का इंतजार कर रहा है।


औजला ने कहा कि पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के माध्यम से हो रही नशे और हथियारों की तस्करी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। इसे रोकने के लिए अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक की तत्काल तैनाती और सीमा पार से होने वाली तस्करी पर चल रहे एंटी-स्मगलिंग अभियानों की व्यापक समीक्षा की मांग की गई है।


उन्होंने रावी नदी के किनारे लगातार हो रहे कटाव को रोकने के लिए स्थायी उपाय करने और बाढ़ से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई। इसके अलावा हरियाणा के साथ लंबित जल विवाद के शीघ्र समाधान और अमृतसर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य को निर्धारित समय में पूरा कराने का मुद्दा भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखा गया।


औजला ने कहा कि पंजाब के विकास, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और किसानों के हितों से जुड़े इन मुद्दों पर केंद्र सरकार को प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।