पंजाब विधानसभा मानसून सत्र: कांग्रेस विधायकों की तैयारी बेकार, सत्र सोमवार तक स्थगित
स्कूल फीस रेगुलेटरी बिल पर चर्चा सोमवार को
पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र चंडीगढ़: पंजाब में आम आदमी पार्टी का अंतिम विधानसभा सत्र चल रहा है। इस सत्र में अब तक अधिकतर समय हंगामे में ही बीता है। शुक्रवार को कांग्रेस के विधायक काले पटके पहनकर विधानसभा पहुंचे, लेकिन उन्हें विरोध प्रदर्शन का ज्यादा अवसर नहीं मिला।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही शिक्षा मंत्री ने स्कूल फीस रेगुलेटरी बिल पेश किया। इसके बाद स्पीकर ने कार्यवाही को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया। उन्होंने बताया कि सोमवार को इस बिल पर चर्चा होगी।
कार्यवाही की शुरुआत
आज की कार्यवाही स्पीकर की झिड़कियों के साथ शुरू हुई। कुछ विधायक आपस में बातचीत में व्यस्त थे, जिस पर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि यदि बातचीत करनी है तो सदन के पीछे बने कमरे में जाकर करें।
विपक्ष का आक्रामक रुख
2027 के विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है। कांग्रेस विधायक लगातार तीसरे दिन भी काले पटके पहनकर विधानसभा पहुंचे और बाहर प्रदर्शन किया। सदन में पंजाब खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड की वार्षिक लेखा रिपोर्ट पेश की गई। इसके साथ ही पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 पर विचार करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
आप विधायक का मुद्दा
आम आदमी पार्टी के विधायक गुरदित्त सिंह ने अपने क्षेत्र की सिंचाई खालों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र का एक पटवारी खुद को मुख्य सचिव समझता है और मृतकों के नाम पर भी पर्चे दर्ज कर दिए गए हैं।
पंचायती भूमि की नीलामी
आप विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने गांव दौलतपुर की पंचायत भूमि की नीलामी का मुद्दा उठाया। राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि समय पर नीलामी कराई गई थी, लेकिन किसी ने बोली नहीं लगाई। अब तीसरी बार नीलामी कराई जा रही है।