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पंजाब विधानसभा मानसून सत्र में पेपर लीक पर हंगामा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत में कांग्रेस विधायकों ने पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान विधायकों ने काले कपड़े पहनकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के मामलों के कारण लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए इसे एक गिरोह द्वारा संचालित नकल का मामला बताया। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और क्या कहा गया।
 

कांग्रेस विधायकों का विरोध प्रदर्शन


पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र


चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत जोरदार नारेबाजी और हंगामे के साथ हुई। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस के सभी विधायक पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करने लगे। इस दौरान विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन की कार्यवाही को बाधित कर दिया।


कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में सभी विधायक काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे और कार्यवाही शुरू होने से पहले परिसर में धरना दिया।


युवाओं का भविष्य प्रभावित

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्य में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों के कारण लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में है, लेकिन सरकार ने दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। प्रदर्शन के दौरान विधायकों ने संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की और कहा कि उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद छोड़ देने चाहिए।


सरकार गंभीर मुद्दों से बच रही है

नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को विधानसभा के भीतर और बाहर मजबूती से उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी। पहले दिन के इस आक्रामक प्रदर्शन ने विधानसभा परिसर का राजनीतिक माहौल गरमा दिया।


मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि यह एक गिरोह द्वारा संचालित हाईटेक नकल का मामला है, जिसे पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया।