पंजाब सरकार की नई एक्साइज नीति: शराब की कीमतें स्थिर, किसानों और उद्योगों को राहत
पंजाब सरकार की नई एक्साइज नीति
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य की नई एक्साइज नीति को मंजूरी दे दी है, जिससे शराब प्रेमियों को राहत मिली है। इस वर्ष राज्य में शराब की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैबिनेट की बैठक के बाद महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि सरकार के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और नई नीति से इसे और बढ़ाने का लक्ष्य है। आबकारी नीति के अलावा, कैबिनेट ने किसानों के मुआवजे, उद्योगों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना के विस्तार और स्वास्थ्य विभाग में नई भर्तियों पर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
राजस्व में वृद्धि और नए लक्ष्य
मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि वर्ष 2022-23 में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, तब पंजाब का आबकारी राजस्व केवल 6200 करोड़ रुपये था। पारदर्शी नीतियों के कारण यह आंकड़ा अब 11 हजार 20 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व का नया लक्ष्य 12 हजार 800 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। नई नीति के तहत ठेकेदार 6.5 प्रतिशत अतिरिक्त राशि जमा करके अपने मौजूदा ग्रुप का नवीनीकरण करवा सकेंगे। इसके साथ ही, पहली बार राज्य में सिंगल माल्ट बनाने की यूनिट लगाने की अनुमति दी गई है, जबकि पहले केवल बोटलिंग की अनुमति थी। देसी शराब के कोटे में भी तीन प्रतिशत का इजाफा किया गया है।
उद्योगों और किसानों को राहत
कैबिनेट ने पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम (पीएसआईईसी) के तहत उद्योगों को राहत देते हुए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना की मियाद बढ़ाने का निर्णय लिया है। पहले यह योजना 13 फरवरी 2025 तक थी, जिसे अब 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, बाढ़ से प्रभावित किसानों की मांग को भी पूरा किया गया है। फिरोजपुर में 5200, फाजिल्का में 3000 और अमृतसर में 2800 एकड़ सरकारी जमीन पर किसान लंबे समय से खेती कर रहे हैं। अब सरकार ने तय किया है कि सरपंच, पंच या पटवारी की एक कमेटी यह प्रमाणित करेगी कि जमीन पर वास्तव में कौन खेती कर रहा है, जिसके आधार पर सीधे पीड़ित किसानों को मुआवजा राशि जारी की जाएगी।
कोविड वॉलंटियर्स को विशेष छूट
कोरोना महामारी के दौरान सेवाएं देने वाले पैरा मेडिकल और नर्सिंग वॉलंटियर्स को भी पंजाब सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने निर्णय लिया है कि कोविड के दौरान सेवाएं देने वाले इन वॉलंटियर्स को भविष्य में सरकारी भर्तियों में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। जिन वॉलंटियर्स ने एक साल से कम समय तक सेवा दी है, उन्हें भर्ती प्रक्रिया में पांच अतिरिक्त अंक मिलेंगे, जबकि एक साल से अधिक सेवा देने वालों को दस अतिरिक्त अंकों का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने ग्रुप सी नर्सिंग स्टाफ के 361 नए पदों को भरने की आधिकारिक मंजूरी भी दे दी है।