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पंजाब सरकार की पहल: जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत बच्चों को कौशल विकास के अवसर

पंजाब सरकार ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत होम्स में रह रहे बच्चों के लिए कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं। इस पहल के तहत 48 बच्चों ने सफलतापूर्वक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम पूरे किए हैं। कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि यह कार्यक्रम बच्चों को आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास प्रदान करेगा। सरकार का उद्देश्य हर बच्चे को समान अवसर देना है, जिससे वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।
 

पंजाब सरकार का कौशल विकास कार्यक्रम

चंडीगढ़- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के अंतर्गत होम्स में रह रहे बच्चों को शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से बेहतर भविष्य के अवसर प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। इस दिशा में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर के मार्गदर्शन में कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए जा रहे हैं।


डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस विशेष पहल के तहत होशियारपुर के स्पेशल होम और ऑब्जर्वेशन होम में रहने वाले 48 बच्चों ने रोजगारोन्मुखी कौशल विकास पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया है। स्पेशल होम के 25 बच्चों ने हेयर ड्रेसर एंड स्टाइलिस्ट का पाठ्यक्रम और ऑब्जर्वेशन होम के 23 बच्चों ने मल्टी स्किल टेक्नीशियन का पाठ्यक्रम पूरा किया है। इन सभी बच्चों ने 100 प्रतिशत प्रशिक्षण के साथ-साथ उनकी असेसमेंट और प्रमाणन प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। यह उपलब्धि उन्हें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का अवसर प्रदान करेगी।


कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर के निर्देशानुसार राज्य के ऑब्जर्वेशन होम्स और स्पेशल होम्स में कुल 187 बच्चों के लिए विभिन्न कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों का चयन बच्चों की रुचियों और भविष्य में रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है।


उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पंजाब कौशल विकास मिशन (PSDM) के सहयोग से चलाए जा रहे ये पाठ्यक्रम बच्चों को व्यावहारिक कौशल प्रदान करने के साथ-साथ समाज में पुनर्वास के लिए तैयार कर रहे हैं। विभाग पाठ्यक्रम पूरा करने वाले बच्चों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार और प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास कर रहा है।


डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि जुवेनाइल जस्टिस प्रणाली के तहत रह रहे बच्चों को केवल देखभाल की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसरों की भी आवश्यकता होती है। कौशल विकास के माध्यम से इन बच्चों को अपनी क्षमता पहचानने और जीवन में नई शुरुआत करने का अवसर मिलता है।


उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के लिए हर बच्चे को आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।