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पप्पू यादव का नेताओं पर हमला: बेटियों के शोषण के खिलाफ क्रांति की आवश्यकता

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश के नेताओं और अधिकारियों पर बेटियों के शोषण के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में बेटियों के साथ दुर्व्यवहार एक राष्ट्रीय समस्या बन चुकी है। यादव ने मांग की कि ऐसे मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाकर एक महीने के भीतर सजा दी जाए। उनका कहना है कि देश की बेटियां अब सुरक्षित नहीं हैं और इसके लिए एक बड़ी क्रांति की आवश्यकता है।
 

पप्पू यादव का बयान

नई दिल्ली। पूर्णिया के सांसद और जन अधिकार पार्टी के प्रमुख राजेश रंजन, जिन्हें पप्पू यादव के नाम से जाना जाता है, ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश के नेताओं और उच्च अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में बेटियों के साथ हुए दुर्व्यवहार को एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या बताया।


पप्पू यादव ने कहा कि कई नेता, उद्योगपति और सरकारी अधिकारी बेटियों के शोषण में संलिप्त हैं। उनका दावा है कि लगभग 90 प्रतिशत नेता और अधिकारी इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जब नेता और अधिकारी खुद इन मामलों में लिप्त हैं, तो बेरोजगारी भत्ते के बजाय 'सेक्स भत्ता' और 'सेक्स पेंशन' की शुरुआत करनी चाहिए।



उन्होंने कहा कि देश में नैतिक मूल्यों का ह्रास हो चुका है। पिछले 12 वर्षों में नेताओं ने बेटियों और लड़कियों को हवस का शिकार बनाया है। गोवा में लड़कियों के वीडियो अपलोड होने और 'मोदीनामा' लिखने वाली महिला के ट्वीट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।


पप्पू यादव ने चिंता व्यक्त की कि बिहार से लेकर पूरे देश में नेता, उद्योगपति और अधिकारी भारत की बेटियों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें एक बड़ी क्रांति की आवश्यकता है ताकि हम बच्चों को नेताओं और अधिकारियों से बचा सकें।


उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में, विशेषकर जब नेता शामिल हों, एक महीने के भीतर स्पीडी ट्रायल चलाकर फांसी की सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज की तारीख में देश की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, और यह समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है।