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पवन खेड़ा ने शशि थरूर पर पीएम मोदी की प्रशंसा को लेकर किया कटाक्ष

कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पीएम मोदी की प्रशंसा ने पार्टी में विवाद खड़ा कर दिया है। पवन खेड़ा ने थरूर पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे मोदी की तारीफ के लिए कुछ भी कर सकते हैं। थरूर ने जी7 समिट में मोदी के बयान को लेकर अपनी बात रखी, लेकिन खेड़ा ने इसे चुनौती दी। जानें इस राजनीतिक विवाद की पूरी कहानी और थरूर का स्पष्टीकरण।
 

मोदी की प्रशंसा पर थरूर का विरोध


कहा- मोदी जो बोलते नहीं, थरूर सुन लेते हैं
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पीएम मोदी की प्रशंसा की, जिसके चलते वे अपनी पार्टी के भीतर आलोचना का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने थरूर पर तंज कसते हुए कहा कि वे मोदी की तारीफ के लिए कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि थरूर उन बातों को सुन सकते हैं जो मोदी ने कभी कही ही नहीं। दरअसल, 18 जून को जी7 समिट के दौरान पीएम मोदी ने ट्रंप से मुलाकात के दौरान भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया था।


मोदी के भक्तों की सुनने की क्षमता

थरूर ने कहा था कि पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने भारत का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि युद्ध के समय, कमर्शियल जहाजों पर काम करने वाले नागरिकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।


मोदी के भक्त जितना वे बोलते नहीं, उससे ज्यादा सुनते हैं


जी-7 के दौरान मोदी-ट्रंप की मुलाकात पर विदेश मंत्रालय की जानकारी में न तो ओमान की खाड़ी में तीन भारतीय नाविकों की हत्या का जिक्र है, न ही ट्रंप के उस दावे का, जिसमें वे व्यापार के दबाव से भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने की बात करते हैं। ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस डेना पर हमले का भी उल्लेख नहीं है।


फिर भी, थरूर जी को न जाने कैसे जोरदार बातें, कड़ा विरोध और बिना समझौता किए गई कूटनीति सुनाई दी, जो आधिकारिक रिकॉर्ड में कभी आई ही नहीं। शायद हम बाकी लोग आम इंसानी इंद्रियों तक ही सीमित हैं। महा-मानव मोदी के भक्तों के लिए, वे जितना कम बोलते हैं, उन्हें उतना ही ज्यादा सुनाई देता है।


थरूर का स्पष्टीकरण

मैं जो पढ़ता हूं, उसे याद रखता हूं


थरूर ने एक्स पर लिखा कि जो लोग मानते हैं कि उन्होंने जी7 में पीएम मोदी द्वारा कभी न कहे गए शब्द सुने, उनके लिए बता दूं कि मैं बस उनकी टिप्पणियों के बारे में प्रकाशित रिपोर्ट का जिक्र कर रहा था। उन्होंने आगे कहा कि मैं बहुत पढ़ता हूं और जो पढ़ता हूं उसे याद रखता हूं। मुझ पर कभी भी किसी तथ्य या बयान को गलत तरीके से पेश करने का आरोप नहीं लगा है।