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पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा के लिए विदेश मंत्रियों की बैठक इस्लामाबाद में

इस्लामाबाद में सऊदी अरब, मिस्र, तुर्किये और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने एक चतुष्पक्षीय शिखर सम्मेलन में पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा की। इस बैठक का उद्देश्य क्षेत्र में तनाव को कम करने के उपायों की खोज करना था। विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार और निवेश को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। ईरान के साथ बातचीत में तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा की गई, जिसमें ईरान ने पाकिस्तानी झंडे वाले 20 पोतों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने पर सहमति जताई।
 

इस्लामाबाद में चतुष्पक्षीय शिखर सम्मेलन

सऊदी अरब, मिस्र, तुर्किये और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने रविवार को इस्लामाबाद में एक चतुष्पक्षीय शिखर सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों पर चर्चा की गई। इस बैठक का उद्देश्य क्षेत्र में तनाव को कम करने के उपायों की खोज करना था।


पश्चिम एशिया में संघर्ष ने न केवल क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी गंभीर बाधाएं उत्पन्न की हैं। एक अधिकारी के अनुसार, विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय स्थिति पर विचार-विमर्श किया और सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करते हुए व्यापक शांति के विकल्पों पर मंथन किया। इस बैठक का आयोजन अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में देरी के बीच हुआ।


विदेश मंत्रियों की यात्रा और बैठकें

विदेश कार्यालय के अनुसार, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्री शनिवार को इस्लामाबाद पहुंच चुके थे, जबकि सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद रविवार को आए। यह जानकारी दी गई कि मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलत्ती, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री इस्लामाबाद में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार के निमंत्रण पर पहुंचे।


बैठक के बाद, सऊदी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की, जिसमें द्विपक्षीय और क्षेत्रीय हितों पर चर्चा की गई। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बताया कि दौरे पर आए विदेश मंत्रियों ने क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों पर गहन चर्चा की।


ईरान के साथ बातचीत और तनाव कम करने के प्रयास

शनिवार की आधी रात के बाद, विदेश कार्यालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि डार ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत की और क्षेत्रीय स्थिति में हो रहे परिवर्तनों पर चर्चा की। डार ने तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि स्थायी शांति के लिए संवाद और कूटनीति ही एकमात्र व्यावहारिक उपाय हैं।


उन्होंने यह भी बताया कि ईरान ने पाकिस्तानी झंडे वाले 20 और पोतों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने पर सहमति जताई है। डार ने कहा, "यह कदम शांति का संकेत है और यह क्षेत्र में स्थिरता लाने में मदद करेगा।"


पाकिस्तान और मिस्र के बीच द्विपक्षीय संबंध

विदेश कार्यालय ने बताया कि डार और अब्देलत्ती के बीच हुई बैठक में पाकिस्तान और मिस्र ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त मंत्रिस्तरीय आयोग को सक्रिय करने पर सहमति व्यक्त की।


डार ने फलस्तीनी लोगों के प्रति पाकिस्तान के समर्थन की पुष्टि की और गाजा तथा वेस्ट बैंक में इजराइली सेनाओं की आक्रामकता की निंदा की। इसके अलावा, उन्होंने तुर्किये के विदेश मंत्री फिदान से भी मुलाकात की, जिसमें दोनों नेताओं ने पाकिस्तान-तुर्किये के मजबूत संबंधों की पुष्टि की और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की।