पश्चिम बंगाल उपचुनाव: कांग्रेस ने नंदीग्राम और रेजीनगर के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की
कोलकाता में सियासी हलचल
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने इन दोनों सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने नंदीग्राम से मिलन प्रधान और रेजीनगर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल कफी को चुनावी मैदान में उतारा है। यह जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद शुक्रवार को साझा की गई।
नंदीग्राम की राजनीतिक पृष्ठभूमि
नंदीग्राम हमेशा से पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यह सीट पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मजबूत पकड़ के लिए जानी जाती थी, लेकिन अब यहाँ बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस का उम्मीदवार मैदान में आना मुकाबले को और भी रोचक बना देता है।
दिलचस्प बात यह है कि नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर ममता बनर्जी की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, टीएमसी के कुछ नेताओं ने उनसे नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की अपील की है। फिलहाल, ममता के चुनाव लड़ने की चर्चा को केवल राजनीतिक अटकलें माना जा रहा है।
सुवेंदु अधिकारी का इस्तीफा
नंदीग्राम सीट 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद खाली हुई। सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव जीता था, लेकिन बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखते हुए नंदीग्राम की विधानसभा सदस्यता छोड़ दी। इसी कारण यहाँ उपचुनाव का आयोजन किया जा रहा है।
नंदीग्राम की महत्वता 2021 के चुनावों से भी स्पष्ट होती है, जब ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने थे और अधिकारी ने ममता को हराया था। अब एक बार फिर यह सीट राज्य की राजनीति का केंद्र बन गई है।
मतदान की तारीख
नंदीग्राम और रेजीनगर में मतदान 6 अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि 16 सितंबर और नाम वापसी की अंतिम तिथि 19 सितंबर है।
कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब बीजेपी और टीएमसी के अगले कदम पर सभी की नजरें हैं। विशेष रूप से नंदीग्राम में ममता बनर्जी की भूमिका और उम्मीदवार का चयन चुनावी मुकाबले की दिशा को निर्धारित कर सकता है।