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पश्चिम बंगाल का पहला बजट: रोजगार, महिलाओं के लिए आरक्षण और DA में वृद्धि

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपना पहला बजट पेश किया, जिसमें रोजगार सृजन, महिलाओं के लिए आरक्षण और सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि की महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इस बजट में एक लाख सरकारी नौकरियों का प्रस्ताव, गर्भवती महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता और पत्रकारों के लिए पेंशन जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, तकनीकी सुधारों और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए नई पहलों की भी घोषणा की गई है।
 

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का पहला बजट

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना पहला पूर्ण बजट प्रस्तुत किया है। वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता द्वारा पेश किए गए इस बजट में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए समाज के विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि से लेकर महिलाओं, युवाओं और पत्रकारों के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की गई है। इस बजट के माध्यम से नई सरकार ने रोजगार, सुरक्षा, कल्याणकारी योजनाओं और तकनीकी विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।


युवाओं के लिए 1 लाख सरकारी नौकरियां और महिलाओं को आरक्षण

बजट में रोजगार पर विशेष ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में एक लाख रिक्त पदों को तुरंत भरने की घोषणा की है। इनमें से 30 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। इन नियुक्तियों में 20 हजार पुलिस कर्मियों और 50 हजार से अधिक शिक्षकों, प्रोफेसरों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती शामिल है। इसके अलावा, 1,000 औद्योगिक फ्रंटियर या राइफल्स कर्मचारियों की भी बहाली की जाएगी।


सरकारी कर्मचारियों के लिए DA में वृद्धि

राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नई सरकार ने विशेष राहत दी है। वित्त मंत्री ने मौजूदा 18 प्रतिशत महंगाई भत्ते में 20 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है, जिससे कुल DA 38 प्रतिशत हो गया है। ये नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी। इसके साथ ही, सिविक वॉलंटियर, ग्रीन पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य सुरक्षा कर्मियों के मानदेय में भी 2000 रुपये की वृद्धि की गई है।


महिलाओं और पत्रकारों के लिए विशेष योजनाएं

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 21,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही, पत्रकारों के लिए हर महीने 5000 रुपये की पेंशन देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, झूठे मुकदमों में फंसाए गए निर्दोष लोगों को भी विशेष भत्ता दिया जाएगा। नदी के कटाव को रोकने के लिए 50 करोड़ रुपये का फंड भी आवंटित किया गया है।


नई पहल और तकनीकी सुधार

जनता से संवाद स्थापित करने के लिए 'आपकी सरकार आपके साथ' नामक एक नई पहल शुरू की गई है, जिसके तहत लोग टोल-फ्री नंबर 8888088820 पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 24 घंटे चलने वाली 'डायल 112' इमरजेंसी सर्विस शुरू करने का प्रस्ताव है। तकनीकी क्षेत्र में, 'एआई इम्पैक्ट प्रोग्राम' की शुरुआत की गई है, जिससे सरकारी कामकाज और नीलामी प्रक्रियाएं पारदर्शी होंगी। अन्नपूर्णा योजना के तहत 36,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, और विधायकों का फंड भी 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है।