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पश्चिम बंगाल चुनाव: कांग्रेस की संभावनाएं और ममता बनर्जी की चुनौती

पश्चिम बंगाल के चुनाव में ममता बनर्जी की जीत और भाजपा की संभावनाओं के बीच, कांग्रेस की स्थिति पर चर्चा हो रही है। क्या कांग्रेस इस बार अपने लिए कोई सीट जीत पाएगी? अधीर रंजन चौधरी और मौसम बेनजीर नूर जैसे नेताओं के चुनावी मैदान में उतरने से कांग्रेस को उम्मीद है। जानें इस चुनाव में क्या हो सकता है और किसकी जीत की संभावना अधिक है।
 

पश्चिम बंगाल चुनाव में कांग्रेस की स्थिति

पश्चिम बंगाल के आगामी चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ममता बनर्जी फिर से जीत हासिल करेंगी या भाजपा पहली बार सत्ता में आएगी। इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या कांग्रेस इस बार अपने लिए कोई सीट जीत पाएगी। पिछली बार कांग्रेस ने सीपीएम और इंडियन सेकुलर फ्रंट के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उस चुनाव में केवल इंडियन सेकुलर फ्रंट को एक सीट मिली थी, जिसमें उनके उम्मीदवार नौशाद सिद्दीकी ने जीत दर्ज की थी। बाद में, सागरदीघी सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की, लेकिन ममता बनर्जी ने कांग्रेस के एकमात्र विधायक बायरन बिस्वास को भी पार्टी में नहीं रखा।


इस बार कांग्रेस ने अधीर रंजन चौधरी को चुनावी मैदान में उतारा है, जो तीन दशकों के बाद चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि वे बहरामपुर सीट पर जीत हासिल करेंगे। इसके अलावा, पूर्व सांसद मौसम बेनजीर नूर, जो तृणमूल से वापस कांग्रेस में आई हैं, को मालदा की मालतीपुर सीट से चुनाव लड़ने के लिए चुना गया है। भाजपा भी इस सीट पर जीत की उम्मीद कर रही है। मालदा की तीसरी सीट चांचल पर, भाजपा के आसिफ महबूब दो बार विधायक रह चुके हैं और इस बार भी चुनाव लड़ रहे हैं। तृणमूल और भाजपा दोनों के पास वहां हिंदू उम्मीदवार हैं।