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पश्चिम बंगाल चुनाव: वोटर लिस्ट में तकनीकी गड़बड़ी का समाधान

पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट में आई तकनीकी गड़बड़ी को चुनाव आयोग ने सुधार लिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जबकि टीएमसी नेता चुनाव आयोग पर बीजेपी की कठपुतली होने का आरोप लगा रहे हैं। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और आगामी चुनावों पर इसका प्रभाव।
 

वोटर लिस्ट में तकनीकी समस्या का समाधान

पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट में आई तकनीकी गड़बड़ी को चुनाव आयोग ने सुधार लिया है। आयोग ने स्वीकार किया कि डिस्प्ले एरर के कारण कुछ मतदाताओं के नाम जांच के दायरे में दिखाई दे रहे थे। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि इस समस्या को हल करने में लगभग दो घंटे का समय लगा। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी के नक्सलबाड़ी में लोक नर्तकों के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और वहां उन्होंने समुदाय के लोगों के साथ लोक नृत्य किया।


मुख्यमंत्री ने उठाए सवाल

एसआईआर में नामों की कटौती

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि कितने आदिवासियों, राजबंशियों, बंगालियों और महिलाओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि कितने हिंदुओं और मुसलमानों की हत्या की गई है। क्या यह उनकी जमीन है?


चुनाव आयोग पर आरोप

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि यह बीजेपी की कठपुतली बन गई है। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा जारी की गई सप्लीमेंट्री लिस्ट से भ्रम उत्पन्न हो रहा है और जनता में उलझन बढ़ रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को खुलकर बीजेपी का समर्थन करना चाहिए।


मतदाता स्थिति की जांच में समस्या

मंगलवार को आई समस्या

मंगलवार शाम को जब कई लोगों ने अपना वोटर स्टेटस (EPIC नंबर से) चेक किया, तो उनके नाम के आगे (जांच के दायरे में) लिखा हुआ था। यह उन लोगों के साथ भी हुआ जिनका नाम पहले से ही फाइनल वोटर लिस्ट में था। टीएमसी ने इस पर सवाल उठाया और कहा कि इससे ऐसा प्रतीत होता है जैसे सभी वोटरों पर संदेह किया जा रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इसे केवल एक तकनीकी गड़बड़ी बताया।


भाजपा बंगाल राज्य को खत्म करना चाहती है। ममता बनर्जी ने मैनागुड़ी में एक रैली में कहा कि भाजपा बंगाल को समाप्त करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि असली मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।


AIADMK का चुनावी गठबंधन

169 सीटों पर चुनाव लड़ेगी AIADMK

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए AIADMK ने अपने गठबंधन (NDA) के साथ सीट शेयर की घोषणा की है। कुल 234 सीटों में से AIADMK 169 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि सहयोगी दलों के लिए 65 सीटें निर्धारित की गई हैं।