पश्चिम बंगाल चुनाव: सुरक्षा व्यवस्था और हिंसा की आशंका
चुनाव की तैयारी और सुरक्षा बलों की तैनाती
सुरक्षा बलों की 2321 कंपनियां तैनात, दूसरे चरण में प्रदेश में 142 सीटों पर मतदान कल, कई जगह टीएमसी और भाजपा समर्थकों के बीच खूनी संघर्ष
कोलकाता में पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण के मतदान की तैयारी जोरों पर है। इस चरण में 142 सीटों पर मतदान होना है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। कुल 2321 कंपनियों की तैनाती की जा रही है, जो मतदान केंद्रों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी रखेंगी। केंद्रीय बलों के साथ-साथ राज्य पुलिस भी सक्रिय रहेगी।
सुरक्षा की समीक्षा और प्रशासन की तैयारी
चुनाव आयोग के साथ हुई बैठकों में सुरक्षा के सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की गई है, ताकि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न किया जा सके। प्रशासन का दावा है कि इस बार सुरक्षा इतनी सख्त होगी कि किसी भी प्रकार की अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं बचेगा। सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह खुद सड़कों पर उतरकर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। बख्तरबंद वाहनों और केंद्रीय बलों के साथ उनका ग्राउंड विजिट यह दर्शाता है कि चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, दूसरे चरण के मतदान में संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को पहले ही समाप्त किया जा सके।
हिंसक घटनाओं की रिपोर्ट
बंगाल में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन कई स्थानों पर हिंसा की घटनाएं हुईं। उत्तर 24 परगना के भाटपाड़ा में भाजपा प्रत्याशी पवन सिंह के आवास के बाहर फायरिंग की गई, जिसमें उनकी सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ जवान घायल हो गए। निर्वाचन आयोग ने इस मामले की रिपोर्ट मांगी है।
रिपोर्ट के अनुसार, बैनर लगाने के दौरान तृणमूल कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ, जिससे तनाव फैल गया। तृणमूल नेता जब स्थानीय थाने में शिकायत करने पहुंचे, तो दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। इसके बाद पवन के आवास के पास देसी बम फेंके गए और फायरिंग हुई।