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पश्चिम बंगाल में TMC का आंतरिक संकट: शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद का समर्थन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक गंभीर आंतरिक संकट का सामना कर रही है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता बागी तेवर दिखा रहे हैं, लेकिन सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर की है। सिन्हा ने कहा कि वह इस कठिन समय में दीदी का साथ नहीं छोड़ेंगे, जबकि आजाद ने बागी नेताओं पर तीखा हमला किया है। क्या TMC इस संकट से उबर पाएगी? जानिए पूरी कहानी।
 

पश्चिम बंगाल में TMC का गंभीर संकट


नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक गंभीर आंतरिक राजनीतिक संकट का सामना कर रही है। पार्टी के कई वरिष्ठ विधायकों और सांसदों के बागी तेवरों ने राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है।


बागी नेताओं का अलग गुट

असंतुष्ट नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक अलग गुट बना लिया है। इस संकट के बीच, टीएमसी के दो प्रमुख 'बिहारी' चेहरे, सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त कर रहे हैं। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे इस कठिन समय में 'दीदी' के साथ खड़े रहेंगे।


शत्रुघ्न सिन्हा का समर्थन

आसनसोल से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बागी गुट में शामिल होने की सभी अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में, वह पूरी तरह से ममता बनर्जी के साथ हैं। सिन्हा ने बताया कि जब 2019 में भाजपा से टिकट कटने के बाद वह चुनाव हार गए थे, तब ममता जी ने उन्हें समर्थन दिया। अब, उनके मुश्किल समय में उनका साथ छोड़ना गद्दारी होगी।


कीर्ति आजाद का तीखा बयान

बर्धमान-दुर्गापुर से सांसद कीर्ति आजाद ने बागी नेताओं पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय जांच एजेंसियों का डर दिखाकर और लालच देकर टीएमसी के नेताओं को तोड़ने की कोशिश कर रही है। आजाद ने बागियों को 'चूहों' और 'गद्दारों' की संज्ञा दी।


बागी गुट का समर्थन

आजाद ने बागी गुट द्वारा 20 सांसदों के समर्थन के दावे को खारिज करते हुए कहा कि असंतुष्टों की बैठक में केवल 13 सांसद ही शामिल हुए थे। उन्होंने ममता बनर्जी को 'घायल शेरनी' की तरह बताया और विश्वास जताया कि वह इस संकट से उबरकर और मजबूत वापसी करेंगी।