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पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ा, पांच गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस घटना के बाद टीएमसी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जानें इस घटना का पूरा विवरण और इसके पीछे की राजनीति।
 

राजनीतिक माहौल में उथल-पुथल


नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले ने राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है। इस घटना के बाद टीएमसी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आइए, जानते हैं इस घटना का पूरा विवरण।


घटना का समय और स्थान

यह घटना शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में हुई, जब अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हिंसा में मारे गए एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रहे थे। रास्ते में मौजूद भीड़ ने उनके काफिले पर पत्थर और अंडे फेंकने शुरू कर दिए। इसके अलावा, कुछ लोगों ने धक्का-मुक्की की और उनके खिलाफ नारेबाजी भी की।


भाजपा पर आरोप

टीएमसी का आरोप है कि यह हमला भाजपा समर्थकों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया गया था। पार्टी ने कुछ तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि भाजपा के स्थानीय नेता घटनास्थल पर मौजूद थे और भीड़ को भड़काने का काम कर रहे थे। टीएमसी ने यह भी दावा किया कि हमले में शामिल कुछ लोग भाजपा से जुड़े हुए हैं।


हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि गिरफ्तार किए गए कुछ लोग पहले टीएमसी नेताओं के करीबी रह चुके हैं। भाजपा का कहना है कि यह मामला टीएमसी के आंतरिक विवाद और गुटबाजी से संबंधित हो सकता है, न कि भाजपा से।


गिरफ्तारी और जांच

पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की जांच के बाद रातभर छापेमारी कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है, क्योंकि घटना के बाद किसी भी पक्ष से औपचारिक शिकायत नहीं की गई थी।


हमले के बाद अभिषेक बनर्जी को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अस्पताल जाकर उनका हालचाल लिया और इस घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हमले के पीछे की असली वजह जानने की कोशिश कर रही है।