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पश्चिम बंगाल में काली पूजा से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ा

पश्चिम बंगाल में काली पूजा और दिवाली के अवसर पर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके निवास पर हमले के बाद पारंपरिक पूजा में बाधा उत्पन्न की गई। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वे उनके ऊपर बुलडोजर चला दें। इस घटना के बाद कालीघाट में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और ममता का कड़ा बयान।
 

राजनीतिक तनाव का बढ़ना

कोलकाता - पश्चिम बंगाल में काली पूजा और दिवाली के अवसर पर राजनीतिक तनाव में वृद्धि देखी जा रही है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शनिवार तड़के लगभग 2 बजे उपद्रवियों ने कोलकाता के कालीघाट क्षेत्र में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के निवास पर हमला किया। ममता के अनुसार, इस हमले के बाद पारंपरिक काली पूजा में भी बाधा उत्पन्न की गई और तोड़फोड़ की गई।


भाजपा पर गंभीर आरोप

ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की एकजुटता से चिंतित है, जिसके कारण इस प्रकार की घटनाएं घटित हो रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्षों से चल रही स्थानीय काली पूजा की अनुमति को रद्द कर दिया गया, जबकि उसी स्थान पर नई पूजा आयोजित करने की अनुमति दी गई। इससे स्थानीय क्लबों और पूजा आयोजकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।


ममता का चुनौतीपूर्ण बयान

‘हिम्मत है तो हमारे ऊपर बुलडोजर चला दो’


कालीघाट में समर्थकों और मीडिया से बातचीत करते हुए ममता बनर्जी ने घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रात के 2-3 बजे पार्टी कार्यालय और पूजा की तैयारियों में बाधा डालना पूरी तरह से गुंडागर्दी है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “अगर आपमें बुलडोजर चलाने की हिम्मत है तो हमारे शरीर पर बुलडोजर चला दो, हम डरने वाले नहीं हैं।”


अभिषेक बनर्जी पर लगातार हमले

‘छह महीने में अभिषेक पर सातवीं बार हमला’


इस बीच, टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने भी इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में अभिषेक बनर्जी पर यह सातवां जानलेवा हमला है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।


पुलिस की कार्रवाई

कीर्ति आजाद के अनुसार, शनिवार तड़के लगभग 2 बजे लाठी-डंडों और पत्थरों से लैस लोगों ने अभिषेक बनर्जी के परिसर पर 30 से 45 मिनट तक हमला किया। इस दौरान संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और आसपास की छोटी दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई।


उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचने के बाद हमलावरों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें सुरक्षा देकर वहां से बाहर निकाला गया। आजाद ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को व्यक्तिगत दुश्मनी में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि राजनीतिक हिंसा का जवाब कभी भी हिंसा से नहीं दिया जाना चाहिए।


कालीघाट में सुरक्षा बढ़ाई गई

कालीघाट में सुरक्षा बढ़ाई गई


घटना के बाद कालीघाट क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है, ताकि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। फिलहाल हमले और तोड़फोड़ के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।