पश्चिम बंगाल में चुनावी गठबंधन: ओवैसी और हुमायूं कबीर का ऐलान
पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। यहाँ AIMIM और हुमायूं कबीर की पार्टी जेयूपी के बीच एक गठबंधन की घोषणा की गई है। असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस चुनावी गठबंधन का औपचारिक ऐलान किया। ओवैसी ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखे सवाल उठाए और उनकी राजनीतिक नीतियों पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने पूछा कि ममता गुजरात दंगों के समय कहाँ थीं और क्या उनके ईद की नमाज पढ़ने से मुसलमानों की समस्याएँ हल हो जाएंगी?
गठबंधन की घोषणा और सीट बंटवारा: प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने बताया कि AIMIM और जेयूपी मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला तय हो चुका है। ओवैसी ने कहा, 'हमारा उद्देश्य बंगाल में अल्पसंख्यकों के बीच से राजनीतिक नेतृत्व को उभारना है। यह गठबंधन भविष्य में भी जारी रहेगा।'
ममता बनर्जी की छवि पर सवाल: ओवैसी ने ममता बनर्जी की 'मुस्लिम समर्थक' छवि पर सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या ईद के दौरान नमाज पढ़ने से मुसलमानों की समस्याएँ हल होंगी?' उन्होंने गुजरात दंगों के दौरान ममता की भूमिका पर भी सवाल उठाया, यह पूछते हुए कि 'गुजरात दंगों के समय ममता क्या कर रही थीं? क्या वे ढोकला खा रही थीं?'
टीएमसी की तैयारी: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 294 सीटों में से 291 पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। शेष तीन पहाड़ी सीटों पर टीएमसी के सहयोगी दल 'भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा' अपने उम्मीदवार उतारेगा। इस बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगी, जहाँ उनका मुकाबला बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से होगा। टीएमसी द्वारा घोषित 291 उम्मीदवारों में 52 महिलाएं, 95 अनुसूचित जाति और जनजाति (SC/ST) के सदस्य और 47 अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हैं।
मतदान की तारीखें: पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर मतदान दो चरणों में होगा। यहाँ 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।