पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरम, ममता बनर्जी ने उठाए गंभीर सवाल
राजनीतिक बयानबाजी का दौर
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दक्षिण 24 परगना में भाजपा की परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखे हमले किए। इसके तुरंत बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। राज्य में चुनावी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप की बाढ़ आ गई है।
अमित शाह का तुष्टीकरण का आरोप
अमित शाह ने अपनी रैली में ममता बनर्जी की सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि इस बार तृणमूल कांग्रेस की हार निश्चित है। भाजपा नेताओं ने बताया कि परिवर्तन यात्रा का उद्देश्य राज्य में राजनीतिक बदलाव लाना है। रैली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राज्य सरकार को कानून व्यवस्था और विकास के मुद्दों पर घेरा।
ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर हमला
मतदाता सूची को लेकर ममता बनर्जी का बड़ा आरोप
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान जानबूझकर कई असली मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए की गई है। ममता ने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया।
भवानीपुर सीट का उदाहरण
ममता बनर्जी ने अपने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। फिर भी, उन्होंने जनता के समर्थन पर भरोसा जताया और कहा कि अगर एक भी वोटर बचा रहेगा, तो वह चुनाव जीत जाएंगी। उन्होंने भाजपा की परिवर्तन यात्रा को निशाना बनाते हुए कहा कि यह बंगाल में भाजपा की अंतिम राजनीतिक यात्रा साबित होगी।
मतदाता सूची में बदलाव से बढ़ी सियासत
राज्य में विशेष पुनरीक्षण के चलते लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं और कई मतदाताओं की पात्रता की जांच की जा रही है। इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद और बढ़ गया है। भाजपा इसे चुनाव प्रक्रिया की सफाई बता रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस इसे राजनीतिक साजिश मानती है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, बंगाल की राजनीति और भी गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।