×

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के लिए नए नियमों की घोषणा

पश्चिम बंगाल सरकार ने दुर्गा पूजा 2023 के लिए कई महत्वपूर्ण नियमों की घोषणा की है। इस वर्ष महाअष्टमी पर शराब की बिक्री पर रोक रहेगी, और पूजा समितियों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके अलावा, DJ बजाने पर रोक और विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। जानें और क्या-क्या बदलाव हुए हैं इस साल की पूजा में।
 

कोलकाता में दुर्गा पूजा की तैयारी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने इस वर्ष दुर्गा पूजा के आयोजन के लिए कई महत्वपूर्ण नियम और घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कोलकाता के मिलन मेला ग्राउंड में पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद इन निर्णयों की जानकारी साझा की। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बार पूजा के दौरान धार्मिक परंपराओं और आम जनता की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।


महाअष्टमी पर शराब की बिक्री पर रोक

सीएम ने बताया कि महाअष्टमी के दिन पूरे पश्चिम बंगाल में शराब की दुकानें और बार बंद रहेंगे। इस दिन शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी, क्योंकि महाअष्टमी धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस दिन श्रद्धालु मां दुर्गा को अंजलि अर्पित करते हैं। इसलिए, सरकार ने इस दिन शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।


DJ पर रोक और यातायात व्यवस्था

दुर्गा पूजा में DJ पर भी रोक:

सरकार ने दुर्गा पूजा पंडालों और विसर्जन जुलूसों में DJ बजाने पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, पूजा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों को बंद करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार का कहना है कि पूजा के समय आम जनता की आवाजाही और ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित नहीं होना चाहिए।


आर्थिक सहायता और छूट

पूजा समितियों को मिलेगा 1 लाख रुपये:

दुर्गा पूजा समितियों के लिए सरकार ने 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने बड़े बजट वाली पूजा समितियों से यह राशि न लेने की अपील की है। उनका कहना है कि सरकारी सहायता उन समितियों को मिलनी चाहिए जिन्हें बिना आर्थिक मदद के पूजा आयोजित करने में कठिनाई होती है। इसके अलावा, पूजा समितियों को बिजली के बिल में पूरी छूट देने की भी घोषणा की गई है।


पंडाल उद्घाटन और विसर्जन नियम

महालया से पहले नहीं होगा पूजा का उद्घाटन:

सरकार ने यह भी तय किया है कि महालया से पहले दुर्गा पूजा पंडालों का उद्घाटन नहीं किया जाएगा। यह निर्णय पारंपरिक पूजा कैलेंडर के अनुसार उत्सव मनाने की दिशा में एक कदम है। इस साल पारंपरिक दुर्गा पूजा कार्निवल का आयोजन भी नहीं किया जाएगा। हालांकि, पूजा समितियों को दिए जाने वाले शारद सम्मान पुरस्कार जारी रहेंगे।


विशेष व्यवस्थाएं

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था:

पूजा पंडालों में बुजुर्गों, वृद्धाश्रम में रहने वाले लोगों और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार का उद्देश्य है कि लोग सुरक्षित तरीके से पूजा देख सकें और सामान्य यातायात भी प्रभावित न हो।