×

पश्चिम बंगाल में पब्लिक सेफ्टी बिल का पास होना: नई सरकार की सख्त कार्रवाई

पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार ने हाल ही में पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल 2026 को विधानसभा में भारी बहुमत से पास किया है। इस कानून का उद्देश्य राज्य में बढ़ती हिंसा और दंगों पर काबू पाना है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पूर्व सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा, उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट 2 जुलाई को कैबिनेट में पेश करने की घोषणा की। जानें इस महत्वपूर्ण कानून के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।
 

पश्चिम बंगाल में सियासी बदलाव और नया कानून

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में हालिया राजनीतिक परिवर्तन के बाद, नई बीजेपी सरकार सक्रियता से कार्य कर रही है। राज्य में बढ़ती हिंसा और दंगों को नियंत्रित करने के लिए, सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने विधानसभा में 'पश्चिम बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल 2026' को भारी बहुमत से पारित किया है। इस कानून के पक्ष में 176 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में केवल 41 वोट ही आए। इस विधेयक के लागू होने से राज्य में हिंसा और अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई संभव होगी, जिससे अपराधियों में कानून का भय उत्पन्न होगा।


मुख्यमंत्री का विपक्ष पर हमला

चुनाव में किए वादों को पूरा करने की दिशा में कदम

हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को हराकर बीजेपी ने एक नया इतिहास रचा है। अब, पार्टी जनता से किए गए वादों को पूरा करने में जुट गई है। चुनाव के दौरान विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई थी। इस पब्लिक सेफ्टी बिल पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “इस कानून को लागू करने से पहले मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि पूर्व सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। बंगाल की जनता ने ईवीएम के माध्यम से आपको पूरी तरह से नकार दिया है। आप विपक्ष में हैं, लेकिन आपका वह विपक्ष भी अब मजबूत नहीं रहा।”


गुंडा कल्चर का अंत और यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट

सुवेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में विपक्ष को याद दिलाया कि यह सुरक्षा कानून अन्य राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और झारखंड में पहले से लागू है। उन्होंने वामपंथियों पर भी निशाना साधते हुए कहा, “सीपीएम ने बंगाल की राजनीति में गुंडा कल्चर को बढ़ावा दिया था। अब ऐसा नहीं चलेगा।” इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का ड्राफ्ट 2 जुलाई को कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। इस ड्राफ्ट को तैयार करने वाली हाई-पावर कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं।