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पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच हिंसक संघर्ष

पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच हाल ही में हुई हिंसक झड़पों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। इस संघर्ष में बमबारी और पत्थरबाजी की घटनाएं शामिल हैं, जिससे कई लोग घायल हुए हैं। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा से कुछ घंटे पहले हुई, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और क्या है आगे की स्थिति।
 

राजनीतिक तनाव के बीच हिंसा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टरों को हटाने पर विवाद, पत्थरबाजी और बमबारी की घटनाएं


कोलकाता में राजनीतिक माहौल गर्म है। पहले चरण का मतदान हो चुका है और दूसरे चरण के चुनाव प्रचार में तेजी आई है। इसी दौरान उत्तर 24 परगना जिले में भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच रविवार रात को हिंसक झड़प हुई। भाजपा समर्थकों ने टीएमसी पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रधानमंत्री के पोस्टर और भाजपा के झंडे उतारे। यह विवाद धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लिया, जिसमें कई लोग घायल हुए। दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी, फायरिंग और बमबारी की भी खबरें आई हैं।


प्रधानमंत्री की जनसभा से पहले की घटना

यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को होने वाली जनसभा से कुछ घंटे पहले हुई। जगद्दल पुलिस स्टेशन के सामने टीएमसी और भाजपा समर्थक आपस में भिड़ गए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने उनके प्रचार सामग्री का अपमान किया। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक पुलिस स्टेशन के सामने इकट्ठा हो गए, जहां तीखी बहस के बाद मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में कठिनाई महसूस कर रही थी।


विधायक के आवास पर बम फेंके गए

इस संघर्ष के दौरान भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार और विधायक पवन सिंह के घर पर बम फेंके गए। इस हमले से इलाके में दहशत फैल गई और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इस धमाके में तीन लोग घायल हुए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पवन सिंह ने कहा कि यह विवाद एक नुक्कड़ सभा के दौरान शुरू हुआ था।


उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के लोगों ने उनके कार्यक्रमों में बाधा डाली। पवन सिंह के अनुसार, जब वे पुलिस स्टेशन से शिकायत करके लौट रहे थे, तब उन पर पत्थरों और बमों से हमला किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान हुई फायरिंग में एक सीआईएसएफ जवान घायल हुआ। दूसरी ओर, टीएमसी के उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि विवाद अचला बागान वार्ड में शुरू हुआ था।