पश्चिम बंगाल में भाजपा का मांस और मछली पर नया नियम
भाजपा का चुनावी वादा और वास्तविकता
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने जोर देकर कहा था कि वह लोगों को मांस और मछली खाने से नहीं रोकेगी। पार्टी के नेता प्रचार के दौरान मछली लेकर भी नजर आए। हाल ही में, भाजपा के कुछ प्रमुख नेताओं ने भगवा गमछा पहनकर और चंदन का टीका लगाकर मांस और मछली का सेवन करते हुए फोटो और वीडियो साझा किए। स्टार प्रचारक हिमंत बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा था कि वे ममता से ज्यादा मांस और मछली खा सकते हैं। लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा ने सत्ता में आते ही अपने एजेंडे को लागू करना शुरू कर दिया है।
हालांकि भाजपा सीधे तौर पर अपने एजेंडे की घोषणा नहीं कर रही है, लेकिन नियमों का ऐसा उपयोग किया जा रहा है कि लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल उन कुछ राज्यों में से एक है जहां गौमांस की सीमित बिक्री की अनुमति है, लेकिन यह सख्त नियमों के अधीन है। भाजपा के शासन में, इन नियमों को इतना कड़ा कर दिया गया है कि गौकशी लगभग समाप्त हो गई है। गौवंश बेचने वाले लोगों का काम ठप हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप गौमांस की कीमतें बढ़कर छह सौ रुपए प्रति किलो हो गई हैं।
इस स्थिति के कारण बकरियों और भेड़ों के मांस की मांग में वृद्धि हुई है, लेकिन यहां भी जानवरों के अस्पताल से सर्टिफिकेट लेकर ही मांस काटने का नियम लागू किया गया है। इसके चलते कई दुकानें बंद हो गई हैं और लोग परेशान हैं।