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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का ED के खिलाफ विरोध: चुनावी माहौल में बढ़ता तनाव

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है। ED की छापेमारी के खिलाफ ममता बनर्जी ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे राज्य में तनाव बढ़ गया है। TMC और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। जानिए इस राजनीतिक संघर्ष का पूरा मामला और इसके पीछे की वजहें।
 

बंगाल में चुनावी हलचल


कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की तैयारी के साथ ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। 8 जनवरी को, चुनावी रणनीति से जुड़ी संस्था I-PAC के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन से संबंधित स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा छापेमारी की गई, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मौके पर पहुंचना विवाद का कारण बना।


राज्य और केंद्र के बीच कानूनी संघर्ष

कानूनी मोड़: I-PAC और ED के मामले में शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत परिसर में भीड़ और अव्यवस्था के कारण कार्यवाही शुरू नहीं हो सकी। अब यह मामला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया का भी हिस्सा बन गया है।


ममता का विरोध प्रदर्शन

शक्ति प्रदर्शन: ED की कार्रवाई के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता में एक रैली का नेतृत्व किया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। टीएमसी का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग चुनाव से पहले राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।


दिल्ली में TMC का प्रदर्शन

गृह मंत्रालय के बाहर विरोध: 9 जनवरी को, टीएमसी के आठ सांसदों ने दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ’ब्रायन और कीर्ति आज़ाद जैसे नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और ED की कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताया।


महुआ मोइत्रा का आरोप

गंभीर आरोप: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने ED की छापेमारी पर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि I-PAC कार्यालय में महत्वपूर्ण चुनावी डेटा था और एजेंसी चुनाव से पहले उस जानकारी के साथ छेड़छाड़ करने आई थी। उन्होंने इसे संपत्ति की सुरक्षा का मामला बताते हुए कहा कि किसी को भी अपनी जानकारी बचाने का अधिकार है।


भाजपा का पलटवार

जांच में बाधा का आरोप: भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ED की छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री का मौके पर पहुंचना और दस्तावेज लेकर जाना अभूतपूर्व है। इससे यह संकेत मिलता है कि जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई।


कोयला तस्करी से जुड़ी कार्रवाई

जांच का संदर्भ: यह छापेमारी कोयला तस्करी मामले की जांच से संबंधित थी। ED की टीम ने कोलकाता में कई स्थानों पर कार्रवाई की। जैसे ही I-PAC के दफ्तर पर रेड की सूचना मिली, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तुरंत वहां पहुंच गईं।


चुनावी माहौल में तनाव

आरोप-प्रत्यारोप: ED की कार्रवाई के बाद टीएमसी केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा ममता बनर्जी को जांच में हस्तक्षेप करने वाला बता रही है। चुनाव से पहले यह विवाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।